UGC Employment Draft: कॉलेज और यूनिवर्सिटी अब सिर्फ डिग्री ही नहीं, रोजगार भी देंगे!

देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रासंगिक और व्यावसायिक बनाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक नया मसौदा जारी किया है। इस मसौदे के तहत, अब कॉलेज और विश्वविद्यालय न केवल शैक्षणिक शिक्षा प्रदान करेंगे, बल्कि छात्रों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएंगे। आइए इस पहल के मुख्य बिंदुओं को विस्तार से समझते हैं।

कौशल आधारित शिक्षा की जरूरत

मौजूदा समय में कई छात्र बीए, बीएससी जैसे पारंपरिक कोर्स करने के बाद रोजगार के लिए संघर्ष करते हैं। यूजीसी का यह नया कदम इस समस्या को दूर करने की दिशा में एक अहम प्रयास है।

मुख्य उद्देश्य

  • कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना।
  • छात्रों के लिए रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना।
  • शिक्षा और उद्योग के बीच एक मजबूत संबंध बनाना।

ड्राफ्ट की प्रमुख सिफारिशें

  • रोजगार मेले का आयोजन
  • संस्थानों को नियमित रूप से रोजगार मेले आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।
  • छात्रों को उद्योग जगत के साथ सीधा संपर्क प्रदान किया जाएगा।

काउंसिलिंग और प्लेसमेंट सपोर्ट

  • प्रत्येक संस्थान को एक प्लेसमेंट सपोर्ट टीम गठित करनी होगी।
  • छात्रों के लिए करियर काउंसिलिंग की व्यवस्था करनी होगी

जॉब पोर्टल की स्थापना

  • उच्च शिक्षण संस्थानों को अपना जॉब पोर्टल विकसित करना होगा।
  • पोर्टल पर रोजगार और इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • कौशल आधारित शिक्षा से जुड़े उद्योगों की पहचान की जाएगी।
  • रोजगार और इंटर्नशिप के लिए उद्योगों के साथ समझौते किए जाएंगे।

नई शिक्षा नीति का प्रभाव

यह मसौदा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की सिफारिशों के अनुरूप तैयार किया गया है। एनईपी का उद्देश्य शिक्षा को अधिक व्यावसायिक और रोजगारपरक बनाना है।

थ्योरी और प्रैक्टिकल का संतुलन

  • किसी भी कोर्स में थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल और इंटर्नशिप पर जोर दिया जाएगा।
  • छात्रों को वास्तविक कार्यक्षेत्र का अनुभव मिलेगा।
  • रोडमैप तैयार करने का सुझाव
  • उद्योगों और संस्थानों के बीच तालमेल बनाने के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाएगा।

संस्थानों की जिम्मेदारियां

अब उच्च शिक्षण संस्थान केवल कौशल आधारित शिक्षा देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं कर सकते। उन्हें छात्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

सेल का गठन

  • रोजगार और इंटर्नशिप के लिए एक समर्पित सेल बनाई जाएगी।
  • यह सेल उद्योगों के साथ संबंध स्थापित करेगी।

उद्योगों की सूची तैयार करना

  • रोजगार देने वाले उद्योगों की सूची तैयार करनी होगी।
  • संस्थानों को छात्रों की आवश्यकताओं के अनुसार उद्योगों के साथ समझौते करने होंगे।

छात्रों को संभावित लाभ

  • रोजगार के अवसर
  • पढ़ाई के दौरान ही छात्रों को रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।
  • व्यावसायिक अनुभव
  • इंटर्नशिप के माध्यम से छात्रों को व्यावसायिक अनुभव मिलेगा।
  • कौशल विकास
  • प्रैक्टिकल और थ्योरी का संतुलन छात्रों को अधिक सक्षम बनाएगा।

Positive सार

यूजीसी का यह मसौदा उच्च शिक्षा प्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव की ओर इशारा करता है। यह कदम न केवल छात्रों को रोजगार दिलाने में मदद करेगा, बल्कि शिक्षा और उद्योग के बीच एक मजबूत कड़ी भी स्थापित करेगा। नई शिक्षा नीति के तहत कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार के इस समन्वय से देश के युवाओं का भविष्य उज्जवल होगा।

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Rishita Diwan

Content Writer

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