Music Benefits: संगीत से तेज होता है दिमाग, बढ़ती है तर्कशक्ति!

Music Benefits: संगीत सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक और बौद्धिक विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। बचपन में म्यूजिक सीखना न केवल बच्चों की याददाश्त और फोकस बढ़ाता है, बल्कि उनकी तार्किक क्षमता और भावनात्मक संतुलन को भी मजबूत करता है। कई शोध बताते हैं कि संगीत सीखने वाले बच्चे कठिन परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं और उनका दिमाग लंबे समय तक तेज बना रहता है। आइए जानते हैं, म्यूजिक सीखने के फायदों के बारे में विस्तार से।मानसिक विकास को तेज करता है म्यूजिक

म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट बजाना एक मानसिक चुनौती है, जो बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता को तेज करता है। जब कोई बच्चा पियानो, गिटार, तबला या वायलिन बजाना सीखता है, तो उसके दिमाग में न्यूरल कनेक्शन मजबूत होते हैं। इससे न केवल उसका आईक्यू लेवल बढ़ता है, बल्कि उसका ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी विकसित होती है।

मुश्किल समय में हार नहीं मानते म्यूजिशियन

यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग की एक रिसर्च में यह सामने आया है कि बचपन में म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट सीखने वाले लोग कठिन परिस्थितियों में ज्यादा धैर्यवान होते हैं। वे तनाव और दबाव को बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं और जल्द हार नहीं मानते। म्यूजिक सीखने से दिमाग में समस्या सुलझाने की क्षमता विकसित होती है, जिससे वे कठिन हालात में भी सही निर्णय ले पाते हैं।

तर्क शक्ति को करता है मजबूत

शोध के अनुसार, जो लोग बचपन में किसी वाद्ययंत्र को बजाने का अनुभव रखते हैं, वे दूसरों की तुलना में ज्यादा तार्किक होते हैं। वे बातों को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं और अपनी राय को ठोस तर्कों के साथ पेश कर सकते हैं। संगीत सीखने से दिमाग के वे हिस्से सक्रिय होते हैं, जो भाषा, गणित और विश्लेषणात्मक सोच से जुड़े होते हैं।

दिमाग को लंबे समय तक रखता है एक्टिव

रिसर्च में यह पाया गया कि बचपन में म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट बजाने वाले लोगों का दिमाग बुढ़ापे में भी ज्यादा एक्टिव रहता है। 70 साल से ऊपर के बुजुर्गों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जिन लोगों ने बचपन में संगीत सीखा था, उनकी मेमोरी और समस्या सुलझाने की क्षमता उन लोगों की तुलना में बेहतर थी, जिन्होंने कभी कोई वाद्ययंत्र नहीं बजाया था।

भावनात्मक स्थिरता और आत्म-अनुशासन

संगीत सिर्फ मानसिक शक्ति ही नहीं बढ़ाता, बल्कि यह आत्म-अनुशासन और भावनात्मक स्थिरता भी विकसित करता है। वाद्ययंत्र बजाने वाले बच्चों में आत्मविश्वास अधिक होता है और वे अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर पाते हैं।

बढ़ती है सोचने और बोलने की क्षमता

जो बच्चे बचपन में संगीत से जुड़े होते हैं, उनकी भाषा पर पकड़ और संवाद कौशल बेहतर होता है। रिसर्च बताती है कि वाद्ययंत्र बजाने वाले लोगों का शब्द भंडार (वोकैबुलरी) ज्यादा समृद्ध होता है और वे अपने विचारों को स्पष्ट तरीके से व्यक्त कर सकते हैं।

बच्चे को म्यूजिक से जोड़ें

अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा मानसिक रूप से तेज, भावनात्मक रूप से मजबूत और तार्किक दृष्टि से सक्षम बने, तो उसे बचपन में संगीत सिखाना शुरू करें। चाहे वह गिटार हो, पियानो हो या कोई अन्य वाद्ययंत्र, संगीत सीखना न केवल एक हुनर है, बल्कि यह जीवन भर दिमाग को तेज और एक्टिव बनाए रखता है।

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Dr. Kirti Sisodia

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