

अंतरिक्ष की गतिविधियों में रूचि रखने वालों के लिए 25 सितंबर की रात काफी खास होगी। बृहस्पति ग्रह 59 साल बाद पृथ्वी के सबसे करीब आएगा जिससे इस दौरान दोनों ग्रहों के बीच की दूरी सबसे कम होगी। वैज्ञानिकों की मानें तो आज के बाद यह दुर्लभ संयोग 107 वर्ष बाद यानी साल 2129 में बनेगा।
दोनों ग्रहों के बीच की दूरी
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के अनुसार, इस घटना के दौरान बृहस्पति और धरती के बीच दूरी सिर्फ 59.1 करोड़ किलोमीटर होगी। बृहस्पति जब पृथ्वी से सबसे दूर होता है, तब यह दूरी 96.5 करोड़ किलोमीटर की होती है। बता दें कि बृहस्पति हर 13 महीने में पृथ्वी के करीब से गुजरता है। लेकिन कभी इतना नजदीक नहीं हुआ।
बृहस्पति के नजदीक आने का असर मौसम पर भी दिखेगा। दक्षिण भारत के राज्यों, बिहार व बंगाल में जाते हुए मानसून की अच्छी वर्षा होगी। इस साल सूर्य और चंद्र ग्रहण के बीच अक्टूबर-नवंबर में अच्छी बारिश हो सकती है।
दुनियाभर में दिखाई देगी घटना
बृहस्पति ग्रह आसमान में -2.9 मैग्निट्यूड में चमकेगा। इससे वह बेहद बड़ा और चमकदार दिखेगा। जैसे-जैसे रात होगी, वैसे-वैसे यह आकाश में और ज्यादा साफ नजर आएगा। इंडिया टुडे के अनुसार, भारत में यह घटना सोमवार शाम 5 बजकर 29 मिनट से मंगलवार सुबह 5 बजकर 31 मिनट तक दिखेगी।
दूरबीन या टेलिस्कोप का करें उपयोग
अंतरिक्ष प्रेमी बृहस्पति को टेलिस्कोप या दूरबीन की मदद से इस घटना को देख सकते हैं। रोज की तुलना में 26 सितंबर को चंद्रमा भी केवल 17% रोशन रहेगा, जिससे बृहस्पति और बेहतर दिखाई देगा। मौसम साफ रहा तो नजारा और भी बेहतर होगा। अगर आप ग्रह की अनोखी विशेषताएं जैसे ग्रेट रेड स्पॉट देखना चाहते हैं, तो आप 4 इंच या उससे भी बड़े टेलिस्कोप का उपयोग कर सकते हैं।