JAL SHAKTI ABHIYAN: सर्वश्रेष्ठ राज्यों को मिला तीसरा राष्ट्रीय जल पुरस्कार,पानी बचाने की मुहीम के लिए शुरू हुआ ‘कैच द रेन 2022 अभियान’



Highlights:

  • तीन राज्यों को मिला तीसरा राष्ट्रीय जल पुरस्कार
  • उत्तरप्रदेश, राजस्थान और तमिलनाडु को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
  • राष्ट्रपति ने किया ‘कैच द रेन कैंपेन 2022’ का शुभारंभ

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 29 मार्च को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में तीसरे राष्ट्रीय जल पुरस्कार के विजेताओं को सम्मानित किया। जिसमें पानी के संरक्षण और बेहतर जल प्रबंधन के साथ जल के क्षेत्र में अच्छा काम कर रहे लोगों और संगठनों को मिलाकर कुल 57 पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, 11 विभिन्न श्रेणियों में राज्यों, संगठनों और व्यक्तियों, सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ मीडिया (प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक), बेस्ट स्कूल, बेस्ट इंस्टीट्यूशन / आरडब्ल्यूए / कैंपस उपयोग के लिए धार्मिक संगठन, बेस्ट इंडस्ट्री, बेस्ट एनजीओ, बेस्ट वॉटर यूजर एसोसिएशन और सीएसआर गतिविधि के लिए सर्वश्रेष्ठ उद्योग शामिल हैं।

तीन राज्यों को मिला पुरस्कार

जल प्रबंधन के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने के लिए उत्तर प्रदेश, राजस्थान और तमिलनाडु राज्यों को सर्वश्रेष्ठ राज्य की श्रेणी में क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा पुरस्कार मिला है। वहीं सर्वश्रेष्ठ जिलों की श्रेणी में मुजफ्फरनगर (उत्तर क्षेत्र), पूर्वी चंपारण (पूर्व क्षेत्र), इंदौर (पश्चिम क्षेत्र) तिरुवनंतपुरम (दक्षिण क्षेत्र) और गोवालपारा (उत्तर-पूर्व क्षेत्र) को पुरस्कार मिला है।


‘कैच द रेन कैंपेन 2022’ का शुभारंभ

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस दौरान ‘जल शक्ति अभियान: कैच द रेन कैंपेन 2022’ की भी शुरूआत की। जल संरक्षण की दिशा में यह अतुलनीय अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। यह अभियान लोगों को वर्षा जल के संचयन के लिए प्रेरित करेगा। जिससे भारत धरती के जल स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इस अभियान के तहत नए कदम ‘स्प्रिंग शेड विकास’, जलग्रहण । सर्वे में यह साबित हुआ कि इंदौर में 16 हजार प्राइवेट प्रतिष्ठानों में रूफटॉप वॉटर रिचार्जिंग यूनिट्स लग चुके हैं। 1,500 सरकारी कार्यालयों में भी वॉटर रिचार्जिंग यूनिट्स हैं। टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेत तालाब, चेक डैम एवं जल संरक्षण उपायों से पानी के स्तर में बदलाव को भी देखा।क्षेत्रों की सुरक्षा आदि को भी जोड़ा गया है। 

इस अभियान की शरूआत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा, कि-‘‘ हमें शपथ लेनी चाहिए कि जिस प्रकार से भारत में सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चल रहा है उसी प्रकार से हम इस अभियान को भी जल संरक्षण का सबसे बड़ा अभियान बनाएं।’’


वाटर मैनेजमेंट में अव्वल इंदौर को मिला राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2020

दुनिया में आज इंदौर भारत का नाम रौशन कर रहा है। इंदौर के वॉटर मैनेजमेंट की चर्चा आज देश ही नहीं दुनिया में हो रही है। पांच बार देश का सबसे स्वच्छ शहर बनने वाला इंदौर आज किसी प्रेरणा से कम नहीं। और इसीलिए इंदौर को साल 2020 के लिए तीसरे राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2020 से सम्मानित किया है। पश्चिम जोन में भी इंदौर सर्वश्रेष्ठ जिला रहा।

हाल ही में सेंट्रल ग्राउंडवॉटर टीम ने जल संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के लिए सर्वे किया था। इसके सभी मापदंडों पर इंदौर खरा उतरा। जल संरक्षण, वॉटर रीसाइक्लिंग, सीवरेज सिस्टम मैनेजमेंट जैसे चरणों में टीम ने इंदौर को खरा पाया। सर्वे टीम ने इंदौर नगर निगम के सभी सीवरेज प्लांट की टैपिंग, आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले खराब पानी को ट्रीटमेंट के बाद ही पयार्वरण में छोड़े जाने, वेस्ट-वॉटर का फिर से उपयोग जैसी गतिविधियों के लिए प्रशंसा की है।

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Dr. Kirti Sisodia

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