
HIGHLIGHTS
- भारतीय-अमेरिकी दंपति ने ह्यूस्टन विश्वविद्यालय को दान में दिए 10 लाख डॉलर
- प्रयोगशाला उपकरणों के लिए खर्च होंगे दान के पैसे
- दंपति के सम्मान में भवन के सभागार का नाम ‘बृज और सुनीता अग्रवाल सभागार’ होगा
- मूल रूप से भारत के पंजाब से है संबंध
- 17 साल की उम्र में ह्यूस्टन में बसे थे लखनपुर के अग्रवाल
भारतीयों के लिए गर्व का क्षण है। क्योंकि विदेश में एक भारतीय ने देश का नाम गर्व से ऊंचा किया है। दरअसल एक प्रमुख भारतीय-अमेरिकी उद्यमी दंपति ने ह्यूस्टन विश्वविद्यालय में प्रयोगशाला के उपकरणों के लिए 10 लाख अमेरिकी डॉलर दान में दिए हैं। दान करने वाले भारतीय छात्र बृज अग्रवाल विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र हैं। बता दें बृज अग्रवाल और उनकी पत्नी सुनीता ग्रेटर ह्यूस्टन के उपनगर ‘शुगर लैंड’ में यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन (यूएच) कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी बिल्डिंग में प्रयोगशाला उपकरणों के निर्माण के लिए यह राशि दान कर रहे हैं।
पेशे से उद्यमी छात्र बृज अग्रवाल और उनकी पत्नी ने नवीनतम थ्रीडी प्रिंटर, मशीन उपकरण और मापन परीक्षण उपकरण के साथ ही छोटे और मध्यम स्तर के उद्योग पर केंद्रित एक उन्नत विनिर्माण डिजाइन केंद्र का निर्माण करने के लिए निधि का प्रस्ताव दिया था। दान करने वाले अग्रवाल ने कहा, ‘मैं कॉलेज से स्नातक नहीं होता अगर यह यूएच व्यवस्था यहां नहीं होती। इसलिए मैं यूएच का समर्थन करने के लिए बहुत ही उत्साहित हो रहा हूं।’
अग्रवाल ने यह भी कहा कि, ‘मैं शुगर लैंड में रहता हूं और यह मुझे शुगर लैंड परिसर यूएच से और अधिक जोड़े रखता है।’ विश्वविद्यालय दंपति के सम्मान में भवन के भूतल पर स्थित सभागार का नाम ‘बृज और सुनीता अग्रवाल सभागार’ रखा जाएगा। मूल रूप से भारत में पंजाब के लखनपुर से आने वाले अग्रवाल 17 साल की उम्र में ह्यूस्टन में आ गए थे। यहीं उन्होंने पूर्णकालिक काम करते हुए यूएच में नाइट स्कूल में पढ़ाई पूरी की है।