GEOSPATIAL ENERGY MAP OF INDIA: भारत के ऊर्जा आंकड़ों को एकीकृत करेगा ऊर्जा मानचित्र!

नीति आयोग ने भारत का भू-स्थानिक ऊर्जा मानचित्र लॉच किया है। आधिकारिक बयान के मुताबिक इसरो ने नीति आयोग के साथ मिलकर एक समावेशी जीआईएस (GIS) यानी कि भौगोलिक सूचना प्रणाली को विकसित किया है। यह ऊर्जा मानचित्र उत्पादन और वितरण का एक विस्तृत दृष्टिकोण प्रदान करेगा। जिसका उद्देश्य कई सारे संगठनों में बिखरे हुए ऊर्जा आंकड़े को एकीकृत करने के साथ ही उन्हें चित्रात्मक शैली में प्रस्तुत करना है।

क्या है जीआईएस मैप?
जीआईएस मैप देशभर के सभी ऊर्जा से संबंधित संस्थानों की एक ओवरऑल तस्वीर प्रदान करता है। जो कि Traditional बिजली प्लांट, oil और गैसे के कुएं, पेट्रोलियम ऱिफाइनरियों, कोयला क्षेत्रों और कोयला ब्लॉक जैसे ऊर्जा इंस्टीट्यूट का मैप तैयार करता है। इसके अलावा 27 अन्य विषयों के माध्यम से renewable energy, power plants और renewable energy resources कैपेसिटी को जिले के अनुसार डेटा प्रस्तुत करता है।

जीआईएस मैप का क्या फायदा है ?
नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार के अनुसार ऊर्जा एसेट्स का जीआईएस मैप भारत के ऊर्जा क्षेत्र के रीयल टाइम और एकीकृत योजना को सुनिश्चित करने के लिए उपयोगी होगा। इसके बड़े भौगोलिक विस्तार और परस्पर निर्भरता वजह से ऊर्जा बाजरों में दक्षता हासिल करने की अपार संभावनाएं हैं। इससे नीति निर्माण में भी काफी सहायता मिलेगी।

इसमें Web-GIS प्रौद्योगिकी और open source में नई टेक्नोलॉजी का लाभ उठाया गया है। साथ ही उपयोगकर्ता के लिए इसे प्रभावी और यूज टू बनाने पर जोर दिया गया है।
भारत के जीआईएस आधारित ऊर्जा मानचित्र को – https://vedas.sac.gov.in/energymap इस लिंक पर देख सकते हैं।

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Dr. Kirti Sisodia

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