PM Modi on Science: भारत आज अपना राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (National Science Day) मना रहा है। यह दिन केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि उस सोच का सम्मान है जिसने भारत को विश्व पटल पर ‘ज्ञान की शक्ति’ के रूप में स्थापित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस अवसर पर देश के वैज्ञानिकों और नवाचारों (Innovators) को बधाई देते हुए विज्ञान को ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सबसे बड़ा आधार बताया है।
प्रधानमंत्री का संदेश
समाधान और विकास का आधार है विज्ञान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा किए गए अपने संदेश में एक अत्यंत गहरी बात कही। उन्होंने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा, “जब ज्ञान विज्ञान के साथ जुड़ता है, तो संसार की सभी समस्याओं और संकटों से मुक्ति का रास्ता अपने आप खुल जाता है।”
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि आज के युग में समाधान (Solution), विकास (Development) और नवाचार (Innovation) का एकमात्र ठोस आधार विज्ञान ही है। उन्होंने युवाओं से वैज्ञानिक जिज्ञासा (Scientific Curiosity) बनाए रखने का आह्वान किया और रिसर्च इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
रमन इफेक्ट
वह खोज जिसने बदल दी विज्ञान की दिशा
28 फरवरी का दिन महान भारतीय भौतिक विज्ञानी सर सी.वी. रमन को समर्पित है। इसी दिन 1928 में उन्होंने ‘रमन इफेक्ट’ (Raman Effect) की खोज की थी, जिसके लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- महत्व- यह खोज आज भी भौतिकी, रसायन शास्त्र और चिकित्सा विज्ञान में नए शोधों का आधार है।
- वैश्विक पहचान- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि रमन प्रभाव ने भारतीय प्रतिभा और शोध को दुनिया भर में एक नई पहचान दिलाई और भारत को वैज्ञानिक गौरव की ऊंचाइयों पर पहुँचाया।
आत्मनिर्भर भारत का प्रेरक बल
अंतरिक्ष से हरित ऊर्जा तक
आज का भारत केवल विज्ञान का उपभोक्ता नहीं, बल्कि प्रदाता (Provider) बन चुका है। ओम बिरला ने रेखांकित किया कि अंतरिक्ष अनुसंधान से लेकर हरित ऊर्जा और जैव-प्रौद्योगिकी तक, भारत की उपस्थिति सशक्त है।
- प्रमुख मिशन- चंद्रयान और गगनयान जैसे मिशन भारत की अंतरिक्ष शक्ति के प्रमाण हैं।
- स्वास्थ्य सेवा- भारत आज दुनिया को सस्ती और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर रहा है, जो भारतीय विज्ञान की वैश्विक सफलता को दर्शाता है।
- डिजिटल नवाचार- फिनटेक और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत का मॉडल पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल है।
आधुनिक चुनौतियाँ और विज्ञान की भूमिका
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैज्ञानिकों की लगन की सराहना करते हुए बताया कि विज्ञान कैसे हर क्षेत्र में सीमाओं को विस्तार दे रहा है।
- AI और डिफेंस- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत कर रही है।
- कृषि और ऊर्जा- रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) और आधुनिक कृषि तकनीक न केवल हमारी अर्थव्यवस्था को गति दे रही हैं, बल्कि आम आदमी के जीवन को भी बेहतर बना रही हैं।
भारतीय विज्ञान की प्रमुख उपलब्धियां
| क्षेत्र | प्रमुख योगदान / मिशन |
| अंतरिक्ष | चंद्रयान, गगनयान और आदित्य-L1 |
| रक्षा | अग्नि मिसाइल श्रृंखला और स्वदेशी विमान |
| स्वास्थ्य | विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान और सस्ती दवाएं |
| ऊर्जा | सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन मिशन |
| प्रौद्योगिकी | AI, 5G विस्तार और डिजिटल इंडिया |
युवाओं के लिए एक संदेश
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हमें याद दिलाता है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temper) विकसित करना हर नागरिक का कर्तव्य है। जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा, विज्ञान ही वह माध्यम है जिससे हम न केवल देश का विकास कर सकते हैं, बल्कि पूरी दुनिया की भलाई के लिए नए रास्ते खोल सकते हैं। यह दिन हमारे वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के परिश्रम को सलाम करने का है, जो भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहे हैं।

