PM Modi visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी दो देशों की महत्वपूर्ण यात्रा पर निकले हैं, जिसका पहला पड़ाव जापान था। यहां उन्होंने 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करना तथा वैश्विक शांति, सुरक्षा और विकास पर चर्चा करना है।
जापान दौरे का महत्व
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट करते हुए बताया कि जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के निमंत्रण पर वह जापान पहुंचे हैं। इस यात्रा में दोनों देशों की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने पर जोर दिया जाएगा।
आर्थिक और निवेश संबंधों का विस्तार
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी और संस्कृति पर साझेदारी
- सभ्यतागत और सांस्कृतिक बंधनों को मजबूत करन
चीन में SCO शिखर सम्मेलन
जापान के बाद प्रधानमंत्री मोदी चीन पहुंचे, जहां वह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 25वीं बैठक में शामिल हो रहें। तियानजिन में आयोजित इस शिखर सम्मेलन में वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों से मुलाकात करेंगे।
भारत SCO का सक्रिय सदस्य है और इस मंच पर वह नवाचार, चिकित्सा, और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे विषयों पर सहयोग को बढ़ावा दे रहा है। मोदी की यह यात्रा साझा चुनौतियों का समाधान खोजने और क्षेत्रीय सहयोग को गहरा करने की दिशा में अहम कदम है।
व्यापार और निवेश पर जोर
इस यात्रा का एक बड़ा उद्देश्य अमेरिकी टैरिफ के असर को कम करना और जापान, चीन और रूस के साथ सहयोग बढ़ाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की मेक इन इंडिया पहल को गति देगा और वैश्विक स्तर पर व्यापारिक व आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा।
Positive सार
प्रधानमंत्री मोदी की यह दो देशों की यात्रा न केवल भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी, बल्कि चीन और रूस जैसे वैश्विक साझेदारों के साथ रिश्तों को भी गहराई देगी। यह यात्रा निश्चित तौर पर भारत की विदेश नीति, रणनीतिक हितों और वैश्विक नेतृत्व को और सशक्त बनाएगी।