Mann Ki Baat: AI क्रांति, डिजिटल सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने की बात!

  • मन की बात 131
  • AI क्रांति, डिजिटल सुरक्षा
  • गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का नया शंखनाद

Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में राष्ट्र को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। एआई (Artificial Intelligence) की वैश्विक धमक से लेकर साइबर सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनरुत्थान तक, पीएम मोदी का यह संबोधन आधुनिक भारत की बदलती तस्वीर को बयां करता है।

1. भारत की AI क्षमता और वैश्विक पहचान

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित ‘ग्लोबल एआई समिट’ की सफलता पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि यह आधुनिक भारत की अब तक की सबसे बड़ी एआई समिट थी।

  • प्राचीनता और आधुनिकता का मिलन

समिट में आए विदेशी मेहमान यह देखकर दंग रह गए कि भारत किस प्रकार एआई का उपयोग अपने प्राचीन ग्रंथों और गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने के लिए कर रहा है।

3 मेड इन इंडिया AI मॉडल

भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता को दर्शाते हुए इस समिट में तीन स्वदेशी एआई मॉडल लॉन्च किए गए। यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान को एक नई ऊंचाई पर ले जाता है।

2. डिजिटल अरेस्ट और साइबर सुरक्षा

प्रौद्योगिकी के लाभ के साथ-साथ पीएम मोदी ने इसके खतरों, विशेषकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ और ‘साइबर फ्रॉड’ के प्रति जनता को आगाह किया।

  • जागरूकता ही बचाव

प्रधानमंत्री ने कहा कि हालांकि उनके पिछले संबोधनों के बाद जागरूकता बढ़ी है, लेकिन जालसाज अब भी नए तरीकों से लोगों को ठग रहे हैं।

  • KYC का महत्व

उन्होंने बैंक और अन्य सेवाओं में KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी संस्था फोन कॉल के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कार्रवाई नहीं करती।

3. गुलामी की मानसिकता से मुक्ति

आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान घोषित ‘पंच-प्राण’ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से गुलामी की निशानियों को पीछे छोड़ रहा है।

राजाजी महोत्सव

उन्होंने 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले ‘राजाजी महोत्सव’ का उल्लेख किया। यह प्रदर्शनी 24 फरवरी से 1 मार्च तक जनता के लिए खुली रहेगी, जो भारतीय संस्कृति और महापुरुषों के योगदान को समर्पित है।

महाकुंभ और केरल कुंभ

उन्होंने देश के सांस्कृतिक ताने-बाने को जोड़ने वाले आयोजनों, जैसे महाकुंभ और केरल कुंभ का जिक्र करते हुए ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना पर जोर दिया।

4. एग्जाम वॉरियर्स के लिए मंत्र

बोर्ड परीक्षाओं के तनावपूर्ण समय को देखते हुए पीएम मोदी ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम का स्मरण कराते हुए छात्रों को ‘एग्जाम वॉरियर्स’ की तरह डटकर मुकाबला करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्रों को पूरे मन से तैयारी करने और बिना किसी दबाव के परीक्षा देने की सलाह दी।

Positive Takeaway

प्रधानमंत्री का 131वां संबोधन तकनीकी प्रगति और सांस्कृतिक जड़ों के बीच संतुलन बनाने का संदेश देता है। जहाँ एक ओर भारत एआई के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करने को तैयार है, वहीं दूसरी ओर वह अपनी प्राचीन विरासत और नागरिक सुरक्षा के प्रति भी उतना ही गंभीर है।

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Rishita Diwan

Content Writer

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