- International Kite Festival Ahmedabad
- साबरमती रिवरफ्रंट पर उड़े दोस्ती के रंग
Kite Festival Ahmedabad: अहमदाबाद का साबरमती रिवरफ्रंट एक बार फिर वैश्विक कूटनीति का गवाह बना। अवसर था अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का, जहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने न केवल आकाश में पतंगें उड़ाईं, बल्कि भारत और जर्मनी के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊँचाई भी दी। दो दिवसीय भारत यात्रा पर आए चांसलर मर्ज गुजरात की जीवंत संस्कृति और भारत के आतिथ्य सत्कार को देखकर अभिभूत नजर आए।
साबरमती रिवरफ्रंट पर ‘पतंग महोत्सव’
प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने संयुक्त रूप से इस भव्य महोत्सव का उद्घाटन किया। इस बार महोत्सव में भारत के विभिन्न राज्यों के 936 पतंगबाज और दुनिया के 50 देशों के 135 अंतरराष्ट्रीय पतंगबाज हिस्सा ले रहे हैं। खुले आसमान में तैरती रंग-बिरंगी पतंगों के बीच दोनों नेताओं ने खुली जीप में सवार होकर जनता का अभिवादन किया।
सबसे खास पल वह था जब चांसलर मर्ज ने खुद पतंग की डोर थामी। पीएम मोदी के साथ पतंग उड़ाते हुए उनकी तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर ‘सॉफ्ट डिप्लोमेसी’ की एक नई इबारत लिख दी। यह महोत्सव 14 जनवरी (मकर संक्रांति) तक चलेगा, जो गुजरात की कला और परंपरा का प्रतीक है।
विरासत और ‘हेरिटेज हवेली’ का अनुभव
जर्मन चांसलर को गुजरात की जड़ों से रूबरू कराने के लिए रिवरफ्रंट पर विशेष रूप से ‘हेरिटेज हवेली’ और अहमदाबाद के प्रसिद्ध ‘पोल्स’ (पारंपरिक मोहल्ले) का सेटअप तैयार किया गया था। चांसलर मर्ज ने प्राचीन घरों के बाहर बने चबूतरे पर बैठकर स्थानीय जीवनशैली को समझा। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की मौजूदगी में उन्होंने गुजरात की स्थापत्य कला और सांस्कृतिक वैभव की सराहना की।
साबरमती आश्रम
गांधी के विचारों को श्रद्धांजलि
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद दोनों नेता महात्मा गांधी के निवास स्थान साबरमती आश्रम पहुँचे। यहाँ उन्होंने बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। चांसलर मर्ज ने आश्रम की विजिटर डायरी में एक भावुक संदेश लिखा, जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के विचारों को वर्तमान समय में ‘शाश्वत’ और अत्यंत प्रासंगिक बताया।
‘वन कार शेयरिंग’
कूटनीतिक नजदीकी का संकेत
प्रोटोकॉल से इतर, प्रधानमंत्री मोदी और चांसलर मर्ज ने एक ही कार में यात्रा की। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कार के अंदर की एक सेल्फी साझा की, जो दोनों देशों के बीच मजबूत होते विश्वास को दर्शाती है। दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी पीएम मोदी ने इसी तरह की यात्रा की थी। यह ‘वन कार’ रणनीति वैश्विक नेताओं के साथ भारत के प्रगाढ़ संबंधों का प्रतीक बन गई है।
वैश्विक नेताओं का पसंदीदा
पिछले एक दशक में अहमदाबाद दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं के स्वागत का केंद्र बन गया है। चांसलर मर्ज से पहले चीन के शी जिनपिंग, अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप, जापान के दिवंगत शिंजो आबे, इजरायल के बेंजामिन नेतन्याहू और ब्रिटेन के बोरिस जॉनसन जैसे दिग्गज यहाँ आ चुके हैं। यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात को भारत की ‘कल्चरल डिप्लोमेसी’ का ग्लोबल गेटवे बना दिया है।
Positive Takeaway
जर्मन चांसलर की यह यात्रा व्यापारिक और राजनीतिक समझौतों से परे, दो संस्कृतियों के मिलन की कहानी कह गई। साबरमती की लहरें और अहमदाबाद का आसमान इस बात का गवाह बना कि जब दो राष्ट्र प्रमुख एक साथ पतंग उड़ाते हैं, तो वह केवल एक खेल नहीं, बल्कि भविष्य की साझा उड़ानों का संकल्प होता है।
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