India Lockdown Rumors: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर ईरान-इजरायल युद्ध के मद्देनजर भारत में फिर से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाए जाने की खबरें तेजी से प्रसारित हो रही थीं। इन खबरों ने आम जनता के बीच चिंता और घबराहट का माहौल पैदा कर दिया था। केंद्र सरकार ने इन सभी कयासों पर पूर्ण विराम लगाते हुए स्पष्ट किया है कि भारत में लॉकडाउन लगाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
सरकार ने अफवाहों को किया खारिज
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक आधिकारिक पोस्ट के जरिए इन अफवाहों को पूरी तरह से ‘झूठा’ और ‘भ्रामक’ करार दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार के पास लॉकडाउन जैसा कोई विचार या प्रस्ताव नहीं है। मंत्री ने जनता से अपील की कि ऐसी संवेदनशील स्थितियों में बिना पुष्टि के खबरें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और समाज के लिए नुकसानदेह है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और सामान्य जीवन को बाधित करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है।
वैश्विक अस्थिरता और कच्चे तेल का संकट
ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध अब अपने पांचवें सप्ताह में प्रवेश करने को है। इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं। पिछले एक महीने के भीतर कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। इस अभूतपूर्व वृद्धि ने दुनिया भर के देशों के सामने ऊर्जा संकट खड़ा कर दिया है।
दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में ईंधन की कीमतों में 30% से 50% तक की भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि विकसित देशों जैसे उत्तरी अमेरिका और यूरोप में भी कीमतें 20% से 30% तक बढ़ी हैं। अफ्रीका में तो यह आंकड़ा 50% के पार चला गया है।
राहत देने की रणनीति
अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ने के बावजूद, भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर कीमतों को नियंत्रित रखने का प्रयास किया है। सरकार के सामने दो कठिन विकल्प थे: या तो अन्य देशों की तरह जनता पर बोझ डाल दिया जाए, या फिर सरकारी खजाने पर इस वित्तीय भार को सहा जाए। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने दूसरा विकल्प चुना।
वर्तमान में, तेल कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का भारी नुकसान हो रहा है। सरकार इस नुकसान की भरपाई के लिए कर राजस्व (Tax Revenue) पर बड़ा बोझ उठा रही है। साथ ही, घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय कीमतों का लाभ उठाने के लिए निर्यात कर (Export Tax) भी लगाया गया है।
आपूर्ति श्रृंखला पर पैनी नजर
हरदीप सिंह पुरी ने आश्वासन दिया है कि सरकार ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर वास्तविक समय (Real-time) के आधार पर बारीकी से नजर रख रही है। युद्ध की स्थिति अस्थिर जरूर है, लेकिन भारत सरकार ने भारतीयों के लिए ईंधन और अन्य जरूरी चीजों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए हैं।
लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। सरकार का पूरा ध्यान वर्तमान में वैश्विक संकट के बीच भारतीय नागरिकों को आर्थिक अस्थिरता से सुरक्षित रखने और देश की विकास गति को बनाए रखने पर केंद्रित है।
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