CM Vishnu Deo Sai Republic Day Speech
गणतंत्र दिवस 2026
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का संदेश
विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप
बिलासपुर, 26 जनवरी 2026: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर बिलासपुर में तिरंगा फहराया और प्रदेश की जनता के नाम एक प्रेरणादायी संदेश दिया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जहाँ राज्य की रजत जयंती (25 वर्ष) की उपलब्धियों का जिक्र किया, वहीं ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को दोहराते हुए माओवाद के अंत और किसान कल्याण की नई इबारत पेश की।
संविधान और राष्ट्रवाद का संगम
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत ‘जय जोहार’ के साथ की और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान व बाबा गुरु घासीदास के ‘मनखे-मनखे एक समान’ के संदेश को याद किया। उन्होंने कहा कि भारतीय गणतंत्र ने एक ऐसा खुला समाज दिया है जहाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सर्वोपरि है। इस वर्ष राज्य ने वन्दे मातरम् की 150वीं जयंती और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती को भी पूरे उत्साह के साथ मनाया है।
माओवाद से मुक्ति
मार्च 2026 तक का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के साहस को नमन करते हुए एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में संचालित सुनियोजित रणनीति के कारण माओवाद अब अपनी अंतिम सांसें ले रहा है। उन्होंने लक्ष्य रखा कि मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ की धरती को माओवाद से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा। बस्तर में अब हिंसा की जगह ‘बस्तर कैफे’ जैसी पहलें ले रही हैं, जहाँ आत्मसमर्पित नक्सली महिलाएं स्वावलंबन की राह पर हैं।
अन्नदाता और महिला सशक्तिकरण
छत्तीसगढ़ को ‘धान का कटोरा’ कहते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य ने रिकॉर्ड 149 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की है।
- किसान कल्याण
पिछले दो वर्षों में किसानों के खाते में 1.5 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।
- महतारी वंदन योजना
राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की सहायता दी जा रही है, जिसके तहत अब तक 14,948 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं।
- आवास क्रांति
प्रदेश में 26 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, और प्रतिदिन लगभग 2000 घर तैयार किए जा रहे हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य में क्रांतिकारी बदलाव
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य अब ‘मैकाले की मानसिकता’ से मुक्त होकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के माध्यम से भारतीय मूल्यों को अपना रहा है।
- मेडिकल शिक्षा
प्रदेश में अब 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं और एमबीबीएस की पढ़ाई हिंदी में शुरू की गई है।
- आईटीआई अपग्रेडेशन
160 आईटीआई को ‘मॉडल आईटीआई’ के रूप में विकसित किया गया है।
- स्मार्ट क्लासेज
राज्य के स्कूलों में 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर स्थापित किए जा रहे हैं।
अधोसंरचना और औद्योगिक निवेश
छत्तीसगढ़ अब निवेश के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर रहा है। नई औद्योगिक नीति के तहत जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को ‘एडुसिटी’ और ‘फार्मा हब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ (SCR) के गठन और एआई (AI) डाटा सेंटर पार्क की स्थापना को भविष्य की प्रगति का आधार बताया।
खेल और संस्कृति का संरक्षण
‘बस्तर ओलंपिक’ में करीब 3 लाख युवाओं की भागीदारी ने बस्तर की नई पहचान दुनिया के सामने रखी है। नवा रायपुर में ‘राष्ट्रीय आर्चरी एकेडमी’ की स्थापना की जा रही है। साथ ही, श्रीरामलला दर्शन योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत किया जा रहा है। बिलासपुर के कोपरा जलाशय को राज्य का पहला रामसर साइट घोषित किया जाना पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है।
सुशासन और आर्थिक प्रगति
राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 9.37% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब 1,62,870 रुपये हो गई है। डिजिटल गवर्नेंस और बायोमीट्रिक अटेंडेंस के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों के लिए ‘राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पदक’ देने की भी घोषणा की।
Positive सार
मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया की पंक्तियों के साथ जनता से ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण में भागीदार बनने का आह्वान किया। यह संदेश केवल सरकारी उपलब्धियों का ब्यौरा नहीं, बल्कि एक समृद्ध और शांत छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है।
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