Chhattisgarh’s New Anti-Naxal Policy: नक्सलवाद उन्मूलन की ओर मजबूत कदम!

Chhattisgarh’s New Anti-Naxal Policy: छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सलवाद उन्मूलन की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए अपनी एंटी नक्सल नीति में विस्तार किया है। राज्य सरकार सरेंडर करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए कई नई योजनाएं शुरू कर रही है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को अब हर माह 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, उन्हें रहने के लिए जमीन, मकान और रोजगार से संबंधित संसाधन भी प्रदान किए जाएंगे।

रोजगार और पुनर्वास के लिए विशेष प्रावधान

सरकार का उद्देश्य सरेंडर करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना है। इसके लिए उन्हें खास प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे वे रोजगार प्राप्त कर सकें। इसके तहत नक्सलियों पर घोषित इनाम की राशि भी उन्हीं को दी जाएगी। राज्य के पांच जिलों में विशेष भवन तैयार किए जा रहे हैं, जहां सरेंडर नक्सलियों को रखा जाएगा और उनके कौशल विकास पर काम किया जाएगा।

नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रगति

देश के गृहमंत्री अमित शाह ने 15 दिसंबर को अपने छत्तीसगढ़ दौरे पर नक्सलवाद के खिलाफ राज्य सरकार की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। आंकड़े नक्सलवाद के खिलाफ तेजी से बढ़ रही सफलता को दर्शाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास का संकल्प

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास के कई आयामों पर काम हो रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि नक्सली आत्मसमर्पण करें और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें।

  • सरेंडर नक्सलियों को पीएम आवास योजना के तहत मकान प्रदान किए जा रहे हैं।
  • युवाओं को नक्सलवाद से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
  • स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के माध्यम से नक्सल प्रभावित परिवारों को सशक्त बनाया जा रहा है।

बस्तर के विकास पर विशेष ध्यान

बस्तर के पांच जिलों में सरेंडर नक्सलियों के पुनर्वास और कौशल विकास के लिए भवन तैयार किए गए हैं। इन भवनों में नक्सलियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

नक्सलवाद खत्म करने का प्रयास

सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि नक्सलवाद को खत्म करने के लिए बिना किसी हिंसा के समाधान निकाला जाए। गृहमंत्री और उप मुख्यमंत्री दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि नक्सलियों को मुख्यधारा में लाकर उन्हें समाज के लिए एक उपयोगी नागरिक बनाया जाएगा।

Positive सार

छत्तीसगढ़ सरकार की नई एंटी नक्सल नीति न केवल नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि यह राज्य के विकास और शांति के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी। राज्य सरकार का यह प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति और समृद्धि लाने का वादा करता है।

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Rishita Diwan

Content Writer

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