PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: बढ़ती महंगाई के दौर में जब हर कोई घर के खर्चों में कटौती करने की कोशिश कर रहा है, तब केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना आम आदमी के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव विकासखंड के एक छोटे से गांव पारागांव खुर्द में इस योजना ने एक ग्रामीण परिवार की किस्मत बदल दी है। श्री नेमीचंद वर्मा का घर आज न केवल बिजली से जगमगा रहा है, बल्कि वे बिजली बिल के भारी-भरकम बोझ से भी पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं।
भारी बिजली बिल की चुनौती
शनेमीचंद वर्मा एक संयुक्त परिवार में रहते हैं। परिवार बड़ा होने के कारण घर में बिजली की खपत भी अधिक थी। सामान्य दिनों में उनका बिजली बिल 1200 से 1800 रुपये के बीच आता था, लेकिन गर्मी के मौसम में यह आंकड़ा 2200 रुपये तक पहुँच जाता था। ग्रामीण परिवेश में हर महीने बिजली पर इतना खर्च करना एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए बड़ी चुनौती थी। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के बारे में पता चला और उन्होंने अपनी छत पर सोलर प्लांट लगाने का फैसला किया।
भारी सब्सिडी और आसान प्रक्रिया
नेमीचंद जी ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करवाया। इस पूरे प्लांट की कुल लागत 1 लाख 85 हजार रुपये आई। योजना की सबसे बड़ी खूबी इसकी सब्सिडी प्रक्रिया है। नेमीचंद जी को केंद्र सरकार की ओर से 1 लाख 8 हजार रुपये की भारी अनुदान राशि प्राप्त हुई। सबसे अच्छी बात यह रही कि आवेदन के बाद मात्र 20 दिनों के भीतर सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई।
बिजली बिल हुआ ‘शून्य’
शुरू हुई बचत
सोलर प्लांट लगने के बाद नेमीचंद जी के जीवन में आए बदलाव किसी चमत्कार से कम नहीं हैं:
- जीरो बिजली बिल: अब उनका मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है।
- अतिरिक्त आय का मौका: ‘नेट मीटरिंग’ तकनीक के माध्यम से उनके घर में पैदा होने वाली अतिरिक्त बिजली सरकारी ग्रिड में चली जाती है, जिससे भविष्य में उन्हें आय का लाभ भी मिल सकता है।
- बेहतर भविष्य: बिजली बिल से बचने वाले पैसों का उपयोग वे अब अपने बच्चों की उच्च शिक्षा, कृषि कार्यों और परिवार की अन्य जरूरतों को पूरा करने में कर रहे हैं।
PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना
| विवरण | लाभ और विशेषताएं |
| अनुदान (Subsidy) | 3 किलोवाट तक के प्लांट पर भारी सरकारी सब्सिडी उपलब्ध। |
| बचत | हर महीने हजारों रुपये के बिजली बिल से स्थाई मुक्ति। |
| पर्यावरण | कोयले की बिजली के बजाय सौर ऊर्जा का उपयोग, जो प्रदूषण मुक्त है। |
| नेट मीटरिंग | अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आर्थिक लाभ कमाने का अवसर। |
आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की ओर कदम
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना न केवल शहरों बल्कि ग्रामीण भारत को भी ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है। पारागांव खुर्द के नेमीचंद वर्मा जैसे हजारों किसान अब सूरज की रोशनी से अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। यह योजना स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है। छत्तीसगढ़ के डोंगरगांव जैसे विकासखंडों में इस योजना का सफल क्रियान्वयन यह दर्शाता है कि आधुनिक तकनीक अब गाँव-गाँव तक पहुँच चुकी है।
ऊर्जा संरक्षण और सशक्तिकरण
नेमीचंद वर्मा की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो बिजली के बढ़ते दामों से परेशान हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना अपनाकर कोई भी नागरिक न केवल अपने घर को रोशन कर सकता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अपना योगदान दे सकता है। यह ‘मुफ्त बिजली’ की दिशा में एक क्रांतिकारी और प्रभावी पहल है।
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