भारत ने हासिल की नई उपलब्धि, अंतरिक्ष में खोली गई स्टार्टअप के लिए लैब!

भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान ने हाल के दिनों में कई नए कीर्तिमान स्थापित किए है और अब अंतरिक्ष से जुड़ी जानकारी और स्टार्टअप को मौका देने के लिए अंतरिक्ष में एक लैब की स्थापना की गई है। ये भविष्य के अनुसंधानों को नया आयाम देंगे। दरअसल भारत ने अहमदाबाद में एक अत्याधुनिक डिजाइन प्रयोगशाला का शुभारंभ किया है। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष के क्षेत्र के स्टार्ट-अप को तेजी देना है जिससे नए विचारों को माध्यम मिलेगा। यह नहीं विचारों को योग्य मॉडल में बदल कर उसे सक्षम बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। दरअसल इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) की स्पेस सिस्टम डिजाइन लैब की शुरूआत कुछ दिनों पहले की गई है। इसरो के अध्यक्ष एस सोमनाथ ने इस लैब का उद्घाटन अहमदाबाद के बोपल में किया था।
 

साइंस संबंधी इनोवेशन को प्लेटफॉर्म

इन-स्पेस (IN-SPACe) के अध्यक्ष पवन गोयनका ने बताया कि इन-स्पेस डिज़ाइन लैब में मिशन सिमुलेशन, मॉडलिंग, विज़ुअलाइजिंग, पेलोड और अंतरिक्ष यान, ग्राउंड स्टेशन और लॉन्च वाहन एवियोनिक्स के अनुकूलन के लिए हाई एंड एनालिसिस और सिमुलेशन सॉफ्टवेयर हैं। प्रयोगशाला संसाधन कम से कम पुनरावृत्तियों के साथ प्रोटोटाइप बनाने में काफी काम आएंगे। इससे टर्नअराउंड समय और स्टार्ट-अप के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट लागत कम होगी।
 
सोमनाथ बताया था कि सुविधा से गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीई) को अत्याधुनिक अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसरो इस दिशा में एनजीई के साथ काम करेगा।
 

इन-स्पेस (IN-SPACe) की खासियत

इन-स्पेस में 16 वर्कस्टेशन और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग मल्टी-कोर (400 कोर तक) सर्वर वाले कंप्यूटिंग संसाधन है।
 
सॉफ्टवेयर संसाधनों में सिस्टम टूल किट, एडवांस डिजाइन सिस्टम, पाथवेव सिस्टम डिजाइन, हाई फ्रीक्वेंसी स्ट्रक्चर सिमुलेशन, 3डी सीएडी मच 3, सिमसेंटर 3डी स्पेस सिस्टम (थर्मल एंड कूलिंग), फाइनाइट एलीमेंट एनालिसिस स्ट्रक्चर (फीस्ट) और ऑप्टिकस्टूडियो (जेमैक्स) की सुविधा है।
 
अंतरिक्ष प्रणालियों के आरएफ, संरचनात्मक और थर्मल डिजाइन और विश्लेषण के लिए मिशन योजना में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
 
इन-स्पेस सॉफ्टवेयर पैकेजों का उपयोग करने के लिए एनजीई को व्यावहारिक प्रशिक्षण देगी। अंतरिक्ष प्रणाली डिजाइन प्रयोगशाला में समय-समय पर प्रशिक्षण और कार्यशालाएं भी आयोजित होंगी। इससे पहले, इन-स्पेस ने प्रारंभिक चरण के अंतरिक्ष स्टार्ट-अप के लिए एक करोड़ रुपये की सीड फंड योजना की घोषणा भी की थी।इसमें स्टार्ट-अप शामिल हैं जो सेक्टर में अपस्ट्रीम या मिडस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम चुनौतियों का समाधान करने के लिए अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हैं।
 
Avatar photo

Dr. Kirti Sisodia

Content Writer

ALSO READ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Owner/Editor In Chief: Dr.Kirti Sisodia 
Devendra Nagar, Raipur, Chhattisgarh 492001
Mob. – 6232190022
Email – Hello@seepositive.in

GET OUR POSITIVE STORIES