सेहतमंद है लेमनग्रास, आयुर्वेद में मिलते हैं कई गुण!


Lemongrass Benefits: किचन गार्डन की थोड़ी सी भी समझ रखने वाले किसी भी व्यक्ति के घर में लेमनग्रास काफी कॉमन पौधा होता है। वजह है लेमनग्रास में मौजूद गुण। आयुर्वेद में भी लेमनग्रास के इस्तेमाल को अच्छा माना गया है। दरअसल इसकी पत्तियां एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है, जो कि सेहत के लिहाज से कई तरह से काम करता है।

लेमनग्रास के फायदे

लेमनग्रास (Lemongrass) के पत्तियों में ऐसे गुण होते हैं जो कि शरीर से क्रिएटिनिन के लेवल को कम करने का काम करते हैं। ये किडनी के काम काज को तेज करते हैं, साथ ही किडनी के लिए लेमनग्रास (lemongrass for kidney) को इसके जानकार फायदेमंद मानते हैं।
किडनी के लिए लेमनग्रास के फायदे-benefits of lemongrass for kidney

ड्यूरेटिक है लेमनग्रास

लेमनग्रास की पत्तियों की सबसे खास बात ये है कि ये ड्यूरेटिक है यानी कि ये पानी के रूप में शरीर से बाहर निकलता है, शरीर में जमा गंदगी को यूरिन के जरिए फ्लश ऑउट करने में सहायक होता है।

किडनी की पथरी का घरेलू ट्रीटमेंट लेमनग्रास

किडनी की पथरी के लिए लेमनग्रास (lemongrass for kidney stone) को एक घरेलू इलाज के रूप में देखा जाता है। ये पहले तो, आपके फिल्ट्रेशन के प्रोसेस को तेज करने में मदद करता है और किडनी में जमा क्रिएटिनिन (lemon grass for creatinine) को साफ भी करता है। इसका विटामिन सी जो कि साइट्रिक एसिड से भरपूर है, पथरी को पिघलाने का काम करता है। इसे शरीर से फ्लश ऑउट करता है।

किडनी में इंफेक्शन से बचाव

किडनी की कुछ बड़ी परेशानियों में से एक है यूटीआई इंफेक्शन (uti infection), जो कि किडनी डैमेज का कारण बन जाता है। ऐसे में लेमनग्रास की पत्तियों का सेवन इस समस्याओं कम करने में मददगार साबित होता है। ये एंटीबैक्टीरियल है जो कि बैक्टीरिया को भी खत्म करता है।

कैसे करें इस्तेमाल?

लेमनग्राह की पत्तियों को लेकर इसे 1 गिलास पानी में उबालें। फिर इस पानी को इतना पकने दें कि ये जब आधा बच जाए, तब इसके बाद इसमें थोड़ा सा काला नमक मिलाकर ठंडा कर लें। थोड़ी देर ठंडा होने दें और इसका इस्तेमाल करें। आप इसका पानी खाली पेट पी सकते हैं।

नोट- यह लेख मीडिया रिसर्च, और कुछ एक्सपर्ट्स से बातचीत पर आधारित है। Seepositive किसी भी तरह के भ्रम में विश्वास नहीं रखता है। पुरानी पद्धतियों, प्राकृति प्रदत्त उपहार को सामने रखने और आयुर्वेद के गुणों को पाठकों तक पहुंचाने के लिए यह लिखा गया है। किसी भी तरह की गंभीर बीमारी होने पर जानकारों की सलाह पर ही किसी भी चीज का इस्तेमाल करें।


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Dr. Kirti Sisodia

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