Festival Special: मिठास का नया अंदाज़, ये विकल्प आएंगे काम!

Festival Special: भारत त्योहारों का देश है यहां हर साल भर बहुत से त्योहार मनाए जाते हैं। भारत में त्योहार हो और घरों में पकवान ना बनें ऐसा हो ही नहीं सकता। हर त्योहार में अलग-अलग मिठाइयां बनाई जाती है। जब त्यौहारों पर लोग एक दूसरे से मिलने जाते हैं तब भी मिठाई साथ लेकर जाते हैं। ऐसे में त्योहारों के आते ही उन लोगों की मुसीबत हो जाती है जिन्हें डाइबिटीज की प्रॉब्लम है। आप की समस्या का समाधान आज हम आपको बताने जा रहे हैं। यहां हम चीनी के कुछ ऐसे विकल्प आपको बताने वाले हैं जिन्हें आप चीनी की जगह इस्तेमाल करके मिठाइयां भी बना सकते हैं और बेफिक्र होकर खा भी सकते हैं।

गुड़ (Jaggery)

शक्कर या चीनी का सबसे बेहतरीन विकल्प है गुड़। बाजार में कई प्रकार के गुड़ मिलते हैं जिन्हें आप किसी भी पकवान में शक्कर की जगह इस्तेमाल करके अपना पकवान तैयार कर सकते हैं। गुड़ और शक्कर दोनों ही गन्ने के रस बनाए जाते हैं। लेकिन गुड़ बिना रिफाइन करे ही बनाया जाता है और शक्कर बनाने के लिए गुड़ के बाद आगे की प्रक्रिया में गुड़ को रिफाइन और क्रिस्टलीकरण किया जाताहै। इस प्रोसेस में शक्कर के चमकदार क्रिस्टल बनाने में शक्कर से सारे जरूरी पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। जबकी गुड़ इस प्रोसेस से नहीं गुजरता इसलिए इसे सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।

खजूर (Dates)

खजूर प्राकृतिक रूप से ही काफी मीठा होता है। इसे भी कई मिठाईयों में शक्कर की जगह इस्तेमाल किया जाता है। बाजार में खजूर का पावडर भी उपल्ब्ध है जिसे दूध में डालकर, खीर और कई तरह के हलवे में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मिठास किसी तरह से कोई नुकसान नहीं करती बल्की खजूर में पाया जाने वाला आयरन और विटामिन बी-6 से शरीर और स्वस्थ होता है।

शहद (Honey)

शक्कर के एक और बेहतरीन विकल्पों में से एक है शहद। बाजार में डिब्बा बंद शहद रिफाइन शहद होता है इससे  ज्यादा फायदेमंद कच्चा शहद होता है जो सीधे मुधमक्खी के छत्ते से निकाला जाता है। शहद का इस्तेमाल भी शक्कर की जगह करना ज्यादा लाभदाक होता है।

स्टीविया (Stevia)

स्टीविया भी एक तरह का रिफाइंड शुगर है लेकिन यह प्लांट बेस्ड शुगर होता है। इसे स्टेविया नाम के पौधे की पत्तियों से बनाया जाता है। इसे हम शुगर फ्रि के नाम से भी जानते हैं। इसकी मिठास चीनी के बराबर ही होती है लेकिन इसमें कैरोली, कार्बोहाइड्रेड्स और आर्टिफिशियल इंग्रीडिएंट नहीं होते हैं। जिससे यह मिठास तो देता है लेकिन चीनी कि तरह नुकसान नहीं पहुंचाता है।

कोकोनट सुगर (Coconut sugar)

कोकोनट शुगर भी सफेद चीनी का एक अच्छा विकल्प है। इसकी मिठास  से डाइबिटीस के रोगियों को भी कोई नुकसान नहीं होता। इसे नारियल के पेड़ से मिलने वाले एक लिक्विड से तैयार किया जाता है। पेड़ से मिले तरल पदार्थ से बनने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है।

मैपल सिरप (Maple syrup)

मैपल सिरप पौधों मीठे रस से तैयार किय जान वाला एक शुगर सिरप है। यह सिरप मिठास में तो शक्कर से कम नहीं होता बल्की इसमें कैल्शियम, आयरन और पोटेशियम भी पाय जाता है। शक्कर की अपेक्षा इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है इसलिए सिए भी शक्कर की जगह पर एक विकल्प की तरह रखा जाता है।

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Positive सार

शक्कर के इन सभी विकल्पों में से किसी का भी चुनाव चीनी की जगह किया जा सकता है। लेकिन डायबिटीज के कुछ मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें किसी भी रूप में शक्कर लेना मना होता है। ऐसे में जो सिर्फ स्वस्थ रहने के लिए अपनी डाइट से शुगर कट करना चाहते हैं वो इन्हें बिना किसी झिझक के इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन डायबिटीज के मरीज अपने डॉक्टर की सलाह के बाद ही चीनी के इन विकल्पों को इस्तेमाल करें।

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Rishita Diwan

Content Writer

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