DCC: नक्सल प्रभावित जिलों के लिए ‘निर्माण समिति’ का गठन!

छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर में विकास को नई गति देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। राज्य के तीन नक्सल प्रभावित जिलों सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में जिला निर्माण समिति (District Construction Committee – DCC) का गठन किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करना, पारदर्शिता बनाए रखना और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना है।

क्या है जिला निर्माण समिति (DCC)?

जिला निर्माण समिति (DCC) एक विशेष प्रशासनिक कमेटी है, जो नक्सल प्रभावित जिलों में होने वाले विकास कार्यों की योजना, निगरानी और क्रियान्वयन का जिम्मा उठाएगी। इसके माध्यम से 10 करोड़ रुपये तक के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी जा सकेगी।

किन जिलों में बनाई गई है यह समिति?

सरकार ने DCC का गठन बस्तर संभाग के तीन सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिलों – सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर में किया है। इन इलाकों में नक्सली गतिविधियों के कारण विकास कार्यों में कई चुनौतियां आती रही हैं, लेकिन इस नई पहल से सरकार तेजी से प्रगति लाने का दावा कर रही है।

DCC में कौन-कौन होगा शामिल?

सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस समिति के अध्यक्ष जिले के कलेक्टर होंगे। इसके अलावा, इसमें निम्नलिखित अधिकारी शामिल होंगे,

  • जिला पुलिस अधीक्षक (SP)
  • जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)
  • प्रभागीय वनाधिकारी (DFO)
  • लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यकारी अभियंता
  • जिला कोषाधिकारी
  • अन्य प्रमुख जिला अधिकारी

DCC के तहत निर्माण कार्य कैसे होंगे?

  • अगर किसी प्रोजेक्ट के लिए तीन बार टेंडर जारी होने के बावजूद काम पूरा नहीं हो पाता, तो ऐसे मामलों में DCC सीधे कार्य को मंजूरी दे सकती है।
  • ऐसे इलाके जो नक्सलवाद से गंभीर रूप से प्रभावित नहीं हैं, वहां DCC के तहत निर्माण कार्य नहीं कराए जाएंगे।
  • निर्माण कार्यों का निरीक्षण और मूल्यांकन PWD या कलेक्टर द्वारा नियुक्त तकनीकी अधिकारी करेंगे।

पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर रोक

  • छत्तीसगढ़ सरकार का मानना है कि इस समिति के गठन से:
  • निर्माण कार्यों में गति आएगी।
  • नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकारी योजनाएं प्रभावी तरीके से लागू होंगी।
  • भ्रष्टाचार पर नियंत्रण रखा जा सकेगा।
  • स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि “जनता के पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है।”

बस्तर के विकास में होगी सफल?

बस्तर में विकास को लेकर कई चुनौतियां रही हैं – सुरक्षा, संसाधनों की कमी और नक्सली दखल। लेकिन DCC का गठन नक्सल प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। अब देखना यह होगा कि यह योजना किस हद तक सफल होती है और क्षेत्र में वास्तविक परिवर्तन ला पाती है या नहीं।

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Rishita Diwan

Content Writer

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