Project Tiger क्या है? बाघों को बचाने की इस मुहीम को हुए पूरे 51 साल!

Project Tiger: 1 अप्रैल को प्रोजेक्ट टाइगर को पूरे 51 साल हो गए। टाइगर को बचाने और उनके प्राकृतिक आवासों के संरक्षण की दृष्टि से इस महत्वपूर्ण पहल की शुरूआत की गई थी। 1 अप्रैल 1973 में शुरू हुई ये मुहीम बंगाल टाइगर्स की सुरक्षा पर केंद्रित थी। जानते हैं क्या है ये प्रोजेक्ट और क्यों जैव-विविधता की दृष्टि से है महत्वपूर्ण..

प्रोजेक्ट टाइगर का महत्व

टाइगर्स के प्राकृतिक आवासों का संरक्षण, विलुप्त होती उनकी प्रजाति और संरक्षण के लिए इस प्रोजेक्ट की शुरूआत हुई थी। इसके तहत टाइगर रिजर्व तैयार किए गए जो टाइगर्स को बड़े इलाके में भ्रमण की छूट देती है। इसके साथ ही फॉरेस्ट का एरिया बड़ा भी तय किया गया जिससे उन्हें शिकार करने में भी परेशानी न हो। इस समय भारत में 54 टाइगर रिजर्व मौजूद हैं। वहीं साल 2022 में देश में कुल बाघों की संख्या 3167 बताई गई थी। 1973 में जब प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) की शुरूआत हुई थी तब देश में सिर्फ 268 बाघ भारत में थे। बता दें कि आज दुनिया के 70 फीसदी जंगली बाघ भारत में ही हैं।

बाघों का भारतीय इतिहास से घनिष्ठ संबंध

ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो भारत में बाघों का काफी महत्व रहा है। मध्य प्रदेश में दस हजार साल पुरानी रॉक कला में बाघों का ग्राफिक प्रतिनिधित्व देखा गया है। वहीं हिंदू संस्कृति में माँ दुर्गा और भगवान अयप्पा का वाहन भी बाघ ही है। भारतीय लोगों की संस्कृति में ही प्रकृति की रक्षा करना शामिल है। यही वजह है कि भारत के पास वन्य जीव संरक्षण में कई अनूठी उपलब्धियां मौजूद हैं। खास बात ये है कि दुनिया के केवल 2.4% भूमि क्षेत्र के साथ भारत वैश्विक विविधता में लगभग 8% योगदान दे रहा है।

प्रोजेक्ट टाइगर की अग्रणी भूमिका

अगर हम ऐसा कहें कि देश में बाघों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा में प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) की भूमिका अग्रणी है। तो ये गलत नहीं होगा। एक समय ऐसा भी था जब देश में बाघों की संख्या 20 हजार से 40 हजार के बीच थी लेकिन शिकार और तस्करी की वजह से भारत में सिर्फ 1820 टाइगर, बाघ बचे थे। लेकिन प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) के बाद बाघों की आबादी बढ़ी। प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता न केवल भारत के लिए बल्कि सम्पूर्ण विश्व के लिए महत्वपूर्ण है।

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Positive सार

प्रोजेक्ट टाइगर (Project Tiger) को इस साल 51 साल पूरे हो चुके हैं। ये गर्व की बात है कि आज भारत के पास दुनिया में सबसे ज्यादा टाइगर हैं। ये हमारी संस्कृति और जैव विविधता का एक महत्वपूर्ण भाग है, जिसके संरक्षण की जिम्मेदारी हमारी है।

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Rishita Diwan

Content Writer

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