New Year 2024: 5 बातें जो आपको बनाएगी नए साल में और ज्यादा इको-फ्रेंडली!

Ecofriendly होने का मतलब है जीवन जीने के ऐसे तरीकों को अपनाना जो पर्यावरण के लिए नुकसानदायक न हो। जीवन का यह तरीका लगातार इंपॉर्टेंट होता जा रहा है, क्योंकि हमें अपने धरती को इंसानों के द्वारा किए जा रहे नुकसान से बचाने की जरूरत है। ऐसे कई तरीके हैं जिनसे कोई व्यक्ति हमारे डेली लाइफ रूटिन में आमतौर पर योगदान देने वाले Positive Effect को बढ़ा सकते हैं। पिछला साल जी-20 हो या कॉन्फ्रेंस ऑफ दी पार्टीज की बात हो हर जगह पर्यावरण को बचाने के तमाम मुद्दों पर बात की गई। इस लिहाज से ये साल पर्यावरण के लिए काफी खास रहा। आने वाला साल भी पर्यावरण के लिए खास रहे इसलिए हर एक व्यक्ति को पर्सनल लेवल पर काम करने की जरूरत है। यहां हम बता रहे हैं कि किन तरीकों से आप एक इको-फ्रेंडली जीवन जी सकते हैं। 

इको-फ्रेंडली होने के पहले 6 क्रिएटिव तरीके 

घर में एलईडी लाइटिंग का करें इस्तेमाल

पब्लिक ट्रांसपोर्ट को दे महत्व 

जरूरत पड़ने पर ही धोएं कपड़ें

विगन होकर कर सकते हैं पर्यावरण को प्रोटेक्ट

हवाई यात्रा को कम करें

कागज के बजाय इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में करें निवेश

बिजली के लिए Renewable Energy का इस्तेमाल 

olar photovoltaic (PV) या सौर पैनलों का उपयोग करके सूर्य की ऊर्जा को बिजली में बदलने का काम किया जा सकता है। एनर्जी सेविंग ट्रस्ट के अनुसार यह ऊर्जा का अपना विश्वसनीय, टिकाऊ और कम रखरखाव वाले सोर्स के रूप में मौजूद है। 

Smart Thermostats का इस्तेमाल 

स्मार्ट थर्मोस्टेट के इस्तेमाल से भी इको-फ्रेंडली लाइफ स्टाइल को एक्सेप्ट कर सकते हैं। इन वाईफाई-पोटेंशियल सुविधाओं को किसी भी स्मार्ट डिवाइस से रिमोट-बैलेसिंग किया जा सकता है। इन्हें आपके सेंट्रल हीटिंग सिस्टम, सभी प्रकार के बॉयलर और एयर कंडीशनिंग सिस्टम से जोड़कर ऊर्जा की बचत की जा सकती है। 

Energy Efficient Lighting

ऊर्जा-बचत करने वाले बल्ब पारंपरिक बल्बों की तुलना में 12 गुना तक ज्यादा चलते हैं, जो बहुत कम ऊर्जा में समान मात्रा में प्रकाश की क्वालिटी देते हैं। पारंपरिक बल्बों को बिजली देने के लिए उपयोग की जाने वाली 80% ऊर्जा हीटिंग ऊर्जा में खत्म हो जाती है, जबकि एलईडी लाइट बल्ब 80-90% ऊर्जा कैपेसिटी पर काम करते हैं। 

Energy Efficient Appliances में करें Upgrade

ब्रिटेन में हर साल 1.5 मिलियन टन बिजली कचरा पैदा होता है। भारत में भी ऐसे प्रभाव भी देखे जा सकते है। ऐसे में डेली उपयोग में लाई जाने वाली इलेक्ट्रॉनिक उपकरण वॉशिंग मशीन, फ्रिज फ्रीजर, ओवन या डिशवॉशर काफी ऊर्जा यूज करते हैं। आजकल इनकी जगह पर कई Energy Efficient Appliances काम कर रहे हैं। जिससे ऊर्जा की बचत की जा रही है। इनकी खरीददारी करते समय ऊर्जा कैपेसिटी लेबल की जांच करके सबसे अधिक ऊर्जा-कुशलता से काम लिया जा सकता है।

इको-क्लीनिंग प्रोडक्ट्स का करें इस्तेमाल 

डिटर्जेंट, परिरक्षकों या फोमिंग एजेंटों वाले कई फ्रंट लाइन के सफाई प्रोडक्ट जहरीले केमिकल्स से बने होते हैं जो नालों और नदियों में बह जाते हैं, जिससे जल प्रदूषण होता है। ये इको सिस्टम में प्रवेश करता है और बायोडायवर्सिटी को नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में नेचुरल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल कर ऐसी परेशानियों से बचा जा सकता है। 

Positive डोज़

साल-दर-साल हम नए कल की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि पर्यावरण के लिए भी हम नई और positive ऐंगल्स तय करें। हमारी विचारधारा के अलावा हमारे ऐक्शन भी पर्यावरण के हित में होने चाहिए तभी हम सेट गोल्स को पा सकेंगे।

Avatar photo

Rishita Diwan

Content Writer

ALSO READ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Owner/Editor In Chief: Dr.Kirti Sisodia 

Office Address: D 133, near Ram Janki Temple, Sector 5, Jagriti Nagar, Devendra Nagar, Raipur, Chhattisgarh 492001

Mob. – 6232190022

Email – Hello@seepositive.in

FOLLOW US​

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.