सेहत के साथ पर्यावरण को भी संवारता Kitchen Garden!

Kitchen Garden: किचन गार्डन का महत्व सिर्फ सेहतमंद सब्जियों और पौष्टिक फल तक ही सीमित नहीं है। किचन गार्डन जहां आपको ऑर्गेनिक प्रोडक्ट से जोड़ता है वहीं दूसरी तरफ आपको क्रिएटिव भी बनाता है। इसके साथ ही आपके घर को एक सुंदर लुक भी देते है। ये तो हो गया आपका सोशल और इकोनॉमिक एंगल इसके साथ ही किचन गार्डन पर्यावरण को भी सुरक्षा देता है। जानते हैं कैसे..

Kitchen Garden के बारे में

किचन गार्डन आपके घर का एक छोटा सा नेचुरल प्लेस होता है। यहां पर आमतौर पर वो फल और सब्जियां उगाई जाती हैं जिनका इस्तेमाल आप रोजाना किचन में कहीं न कहीं करते हैं। सब्जियों और पकाने के उपयोग में आने वाली फसलों और हर्ब्स को यहां उगाया जाता है।

Kitchen Garden में क्या-क्या उगाया जा सकता है?

किचन गार्डन में कई तरह की सब्जियां उगाई जा सकती है। जैसे कि टमाटर, गाजर, प्याज, पालक, धनिया, मिर्च, और दूसरी सब्जियाँ। इसके अलावा किचन गार्डन में हर्ब्स भी होते हैं, जैसे कि मिंट, टूलसी, कोरिएंडर, और अन्य जड़ी बूटियाँ। किचन गार्डनिंग को आमतौर पर घर में छतों, बालकनी किसी भी ऐसी जगह पर बनाया जाता है जहां पानी और अच्छी मिट्टी हो। किचन गार्डन के लिए ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं होती है इसे आप गमलों पर भी लगा सकते हैं। किचन गार्डनिंग का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक चीजों को खान-पान में शामिल करना। इससे अच्छी बागवानी कौशल भी सीख सकते हैं। ये प्राकृतिक परिसर के प्रति जागरूकता बढ़ाता है।

Kitchen Garden और पर्यावरण

किचन गार्डन में उगाई जाने वाली फल, सब्जियाँ, और हर्ब्स हेल्दी फूड का हिस्सा होते हैं। ये हेल्दी फूड के सोर्स के रूप में जाने जाते हैं। किचन गार्डन से स्वास्थ्यपूर्ण और पौष्टिक खाना मिलता है। इससे पोषण के लाभ प्राप्त करने में मदद मिलती है।

कार्बन फुटप्रिंट कम होता है

किचन गार्डन से मिलने वाले फूड प्रोडक्ट्स नकली और बाजार में मिलावट वाले प्रोडक्ट से दूर होते हैं। इन्हें उगाने में न तो ज्यादा पानी और खाद का इस्तेमाल होता है न ही प्रिजर्व करने के लिए रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल किया जाता है यही वजह है कि ये कार्बन फुटप्रिंट को भी कम करता है।

स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल

किचन गार्डन में उगाई जाने वाली फसलें लोकल चीजों को प्रमोट करती हैं। स्थानीय प्राकृतिक प्रोडक्ट इससे विलुप्त होने से बचते हैं। साथ ही जल, मिट्टी, और सूर्य प्रकाश, जो प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में मदद करता है।

किचन गार्डनिंग के माध्यम से, लोगों को प्रकृति के साथ संवाद करने का गुण आता है। खेती के बारे में सीखने, और नेचुरल प्रोसेस का समर्थन करने का मौका मिलता है। इससे लोगों के प्राकृतिक परिवेश के प्रति संवेदनशीलता आती है।

Positive सार

किचन गार्डनिंग एक ऐसा जरिया है जिससे प्राकृतिक परिसर के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिलता है। गार्डनिंग कौशल सीखने के साथ ही ये खेती से जुड़े प्रक्रियाओं की समझ डेवलप करता है। किचन गार्डन की कला को सीखना या अपनाना क्रिएटिव हो सकता है। जो स्वास्थ्य, आर्थिकता, और पर्यावरण के लिए उपयोगी है।

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Rishita Diwan

Content Writer

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