- Sewa Teerth
- सेंट्रल विस्टा का नया अध्याय
- PM मोदी करेंगे ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ का उद्घाटन
Sewa Teerth: भारत की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव आने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी 2026 को सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत नवनिर्मित ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन-1 व 2’ का उद्घाटन करेंगे। यह कदम न केवल दिल्ली के भूगोल को बदलेगा, बल्कि सरकारी कामकाज की गति और पारदर्शिता को भी नई ऊंचाई देगा।
एक छत के नीचे सत्ता का केंद्र
अब तक भारत सरकार के महत्वपूर्ण मंत्रालय और सचिवालय लुटियंस दिल्ली के अलग-अलग पुराने भवनों में बिखरे हुए थे। इससे मंत्रालयों के बीच समन्वय (Coordination) में समय और संसाधन दोनों का नुकसान होता था। नए भवनों के उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से लेकर रक्षा और वित्त जैसे भारी-भरकम मंत्रालय एक ही आधुनिक परिसर में कार्य करेंगे।
तय होगी राष्ट्र की सुरक्षा और नीति
सेवा तीर्थ भवन परिसर को विशेष रूप से देश के सबसे संवेदनशील और नीति-निर्धारक कार्यालयों के लिए तैयार किया गया है। इसमें निम्नलिखित कार्यालय शिफ्ट होंगे,
- प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO)- देश का सर्वोच्च प्रशासनिक केंद्र।
- राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS)- भारत की सुरक्षा रणनीतियों का गढ़।
- कैबिनेट सचिवालय- सरकार के विधायी कार्यों का मुख्य केंद्र।
इन कार्यालयों का एक साथ होना आपातकालीन स्थितियों और त्वरित निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में मील का पत्थर साबित होगा।
‘कर्तव्य भवन-1 और 2’
मंत्रालयों का नया पता
कर्तव्य भवन के दोनों ब्लॉक (1 और 2) आधुनिक भारत की कार्यक्षमता का प्रतीक हैं। यहाँ 11 से अधिक प्रमुख मंत्रालयों को जगह दी गई है, जिनमें शामिल हैं,
- सुरक्षा और अर्थतंत्र- रक्षा मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय।
- लोक कल्याण- स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, संस्कृति और जनजातीय कार्य मंत्रालय।
- नीति और न्याय- विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय।
आधुनिक सुविधाओं और पर्यावरण का मेल
ये भवन केवल ईंट और पत्थर के ढांचे नहीं हैं, बल्कि भविष्य की ‘स्मार्ट गवर्नेंस’ का आधार हैं।
- डिजिटल एकीकरण- सभी कार्यालय पूरी तरह डिजिटल होंगे, जिससे कागज का उपयोग कम होगा।
- पब्लिक इंटरफेस- आम नागरिकों के लिए विशेष जोन बनाए गए हैं ताकि उन्हें सरकारी कामकाज के लिए भटकना न पड़े।
- पर्यावरण संरक्षण- इन भवनों को 4-स्टार GRIHA रेटिंग के साथ बनाया गया है। इसमें सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और कचरा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकें मौजूद हैं।
- सुरक्षा- स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल और उन्नत निगरानी प्रणाली के जरिए इसे अभेद्य सुरक्षा प्रदान की गई है।
उद्घाटन समारोह का शेड्यूल
प्रधानमंत्री कल दोपहर करीब 1:30 बजे सेवा तीर्थ भवन परिसर के नाम का अनावरण करेंगे। इसके बाद वह दोनों भवनों का औपचारिक निरीक्षण और उद्घाटन करेंगे। शाम को 6 बजे एक भव्य जन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहाँ पीएम मोदी राष्ट्र को संबोधित करेंगे और इस नई प्रशासनिक व्यवस्था के विजन को साझा करेंगे।
Positive Takeaway
सेंट्रल विस्टा की ये नई इमारतें ‘न्यू इंडिया’ के संकल्प को दर्शाती हैं। प्रशासनिक दक्षता बढ़ने से न केवल फाइलों का निपटारा तेज होगा, बल्कि सरकारी सेवाओं की पहुंच आम आदमी तक सुगम होगी। यह उद्घाटन नए भारत की आधुनिकता और कर्तव्यपरायणता का संगम है।

