Leap Year: क्या होता है और कितने सालों में आता है लीप ईयर?

Leap Year: लीप ईयर ऐसा साल है जिसके फरवरी के महीने में 28 की जगह 29 दिन होते हैं। यूं तो फरवरी का महीना 28 दिनों का होता है लेकिन हर चौथे साल में फरवरी में 29 दिन होते हैं। लीप ईयर और लीप डे का तार्किक कारण भी है और अलग-अलग देशों में इसे लेकर मान्यताएं भी हैं। आइए जानते हैं लीप ईयर क्यों आता है और ऐसा ना हो तो क्या होगा।

क्यों आता है लीप ईयर ?

लीप ईयर कैलेंडर को बैलेंस रखने के लिए बनाया गया है। खगोलीय गणना के अनुसार लीप ईयर का अपना महत्व है। दरअसल पृथ्वी के एक दिन में पूरे 24 घंटे न होकर 23.262222 घंटे होते हैं। अगर हर साल फरवरी में 29 दिन हो तो कलेंडर 44 मिनट आगे हो जाएगा। लीप ईयर का यह अतिरिक्त दिन कैलेंडर और पृथ्वी के ऑर्बिट के बीच संतुलन को बनाए रखता है। लीप डे नहीं होगा तो धीरे-धीरे कैलेंडर आगे बढ़ता जाएगा और मई-जून में आने वाली गर्मी नवंबर के महीने में पहुंच जाएगी।

इन मशहूर हस्तियों का होता है जन्मदिन

29 फरवरी को देश के कई मशहूर हस्तियों का जन्मदिन आता है। जिनमें से राजनीति के क्षेत्र में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मोरार जी देसाई का जन्म 29 फरवरी को हुआ था। अर्जुन पुरस्कार विजेता, निशानेबाज प्रकाश नंजप्पा भी अपना जन्मदिन लीप ईयर में 29 फरवरी को मनाते हैं। वहीं कला के क्षेत्र से विश्वप्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना भरतनाट्यम् दक्ष रुक्मिणी देवी का जन्म 29 फरवरी को हुआ था। भारतीय हॉकी टीम के सदस्य सुप्रसिद्ध खिलाड़ी एडम सिनक्लेयर का जन्म दिन भी 29 फरवरी को आता है।

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Rishita Diwan

Content Writer

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