Kajal Jawla UPSC success story
4 बार फेल, 9 घंटे की जॉब और कैब में पढ़ाई
23 लाख का पैकेज छोड़ ऐसे IAS बनीं काजल जावला
IAS Kajal Jawla success story: अक्सर लोग बहाना बनाते हैं कि समय की कमी के कारण वे अपने सपनों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन मेरठ की काजल जावला की कहानी इन सभी बहानों को धता बताती है। 4 बार यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा में असफल होने के बाद भी हार न मानने वाली काजल ने साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो ऑफिस की कैब में बैठकर भी देश की सबसे कठिन परीक्षा पास की जा सकती है।
डॉक्टर बनना चाहती थीं काजल
इंजीनियरिंग का सफर
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मेरठ की रहने वाली काजल जावला का बचपन का सपना डॉक्टर बनना था। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था। 2010 में उन्होंने मथुरा के एक कॉलेज से बीटेक (B.Tech) की डिग्री ली और उसके बाद एक प्रतिष्ठित कंपनी में इंजीनियर के तौर पर काम करना शुरू किया। उनकी प्रतिभा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे सालाना 23 लाख रुपये के पैकेज पर काम कर रही थीं।
2014 से संघर्ष की शुरुआत
काजल के पिता हमेशा चाहते थे कि उनकी बेटी सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करे। पिता के इसी सपने को अपना लक्ष्य बनाकर काजल ने 2014 में गंभीरता से यूपीएससी की तैयारी शुरू की। लेकिन यह सफर इतना आसान नहीं था। काजल न केवल कामकाजी महिला थीं, बल्कि उनकी शादी भी हो चुकी थी।
9 घंटे की नौकरी
कैब बना ‘स्टडी रूम’
काजल का दफ्तर दिल्ली से गुरुग्राम में था। रोज आने-जाने में लगभग 4 घंटे का समय खर्च होता था। उन्होंने इस समय को बर्बाद करने के बजाय इसे अपनी ताकत बनाया।
- कैब में पढ़ाई- घर से ऑफिस जाते समय कैब के 2 घंटों का उपयोग वह नोट्स पढ़ने और करंट अफेयर्स अपडेट करने में करती थीं।
- ऑफिस रूटीन- ऑफिस में 9 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद भी वे घर आकर पढ़ाई को समय देती थीं।
- वीकेंड का सदुपयोग- शनिवार और रविवार को जब लोग आराम करते थे, काजल पूरे दिन किताबों में डूबी रहती थीं।
इस संघर्षपूर्ण यात्रा में उनके पति ने उनका पूरा साथ दिया। काजल बताती हैं कि उनके पति और पिता उनके सबसे बड़े ‘सपोर्ट सिस्टम’ रहे, जिन्होंने बार-बार फेल होने के बावजूद उन्हें कभी टूटने नहीं दिया।
4 बार की असफलता
5वें प्रयास में ऐतिहासिक जीत
काजल ने अपना पहला प्रयास 2012 में दिया था, उसके बाद 2014 और फिर शादी के बाद 2016 और 2017 में भी परीक्षा दी। चार बार असफलता हाथ लगी, लेकिन काजल ने हार नहीं मानी। हर असफलता ने उन्हें अपनी कमियों को सुधारने का मौका दिया।
अंततः 2018 में अपने 5वें प्रयास में काजल ने न केवल परीक्षा पास की, बल्कि ऑल इंडिया रैंक-28 हासिल कर सबको चौंका दिया। जैसे ही परिणाम आया, उन्होंने अपनी 23 लाख की मोटी सैलरी वाली नौकरी को बिना सोचे छोड़ दिया और देश सेवा का रास्ता चुना।
| विवरण | जानकारी |
| नाम | काजल जावला (IAS) |
| मूल निवास | मेरठ, उत्तर प्रदेश |
| शिक्षा | बीटेक (इंजीनियरिंग) |
| UPSC रैंक | 28 (वर्ष 2018) |
| कैडर | मध्य प्रदेश (MP Cadre) |
| पिछली नौकरी | ₹23 लाख सालाना पैकेज |
युवाओं के लिए प्रेरणा
आज काजल जावला मध्य प्रदेश कैडर की एक कुशल आईएएस अधिकारी हैं। उनकी कहानी उन लाखों युवाओं के लिए एक मिसाल है जो नौकरी के साथ तैयारी करने की चुनौती से जूझ रहे हैं। उनकी सफलता सिखाती है कि “लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।”
ये भी देखें

