100 दिनों के रीडिंग अभियान से सीबीएसई सहेजेगा बच्चों में पठन संस्कृति!

सीबीएसई ने 1 जनवरी 2022 से स्कूलों में रीडिंग अभियान की शुरूआत की है। इसका उद्देश्य स्कूलों में बच्चों में पढ़ने की संस्कृति को बनाए रखना है। यह अभियान 100 दिनों तक चलेगा। शिक्षा मंत्री ने इसे शुरू किया। कक्षा 8वीं तक के बच्चों को इस अभियान में शामिल किया जाएगा।

सीबीएसई ने देश के सभी स्कूलों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। सीबीएसई ने कहा है कि स्कूलों में पठन की आदत को लेकर ही इस ओर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इस अभियान का जिक्र नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी किया गया है।

सितंबर 2021 में शुरू हुआ था अभियान

सीबीएसई ने सितंबर 2021 में ही इस रीडिंग मिशन को लांच किया था। इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों में पढ़ने की आदत को बनाकर रखना था। इस मिशन से बोर्ड की ओर से सीबीएसई रीडिंग चैलेंज सीरीज की भी शुरूआत की गई। सामन्य रूप से इसमें केस बेस्ड प्रश्नों के आधार पर स्टूडेंट्स में विचार कौशल को विकसित करना है। इसके लिए सीबीएसई ने शिक्षक, अभिभावकों और एक्सपर्ट्स को साथ मिलाकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

अभियान से स्कूली शिक्षा में होंगे सुधार

इस अभियान से स्कूली शिक्षा में काफी सुधार होगा। केंद्र सरकार ने नए साल में इस मिशन को 100 दिनों के लिए शुरू किया है। यह बाल वाटिका से लेकर कक्षा आठवीं कक्षा तक के छात्रों को नई शिक्षा नीति के तहत ‘पढ़े भारत’ से जोड़ेगा।
इसमें छात्र ज्यादा रचनात्मक होंगे उनमें, चिंतन, शब्दावली के साथ-साथ मौखिक और लिखित दोनों तरह से अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित होगी। शिक्षा और कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अभियान की शुरुआत की। अभियान 10 अप्रैल तक चलाया जाएगा। अभियान को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि बच्चे मनोरंजक तरीके से पठन संस्कृति को अपनी आदत को शामिल कर सकें।

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Dr. Kirti Sisodia

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