RBI: भारतीय रिजर्व बैंक कैसे करता है कमाई, कहां से आता है पैसा?

RBI: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भारत का केंद्रीय बैंक है। ये भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण संस्थानों में से एक है। इसके प्रमुख कार्यों में मुद्रा जारी करना, मौद्रिक नीति निर्धारण, और वित्तीय स्थिरता बनाए रखना शामिल है। लेकिन, बहुत कम लोग जानते हैं कि RBI खुद भी कमाई करता है। इस लेख में, हम RBI के कमाई के स्रोतों और इसके वित्तीय संचालन के बारे में चर्चा करेंगे।

सरकारी बांड और प्रतिभूतियां

RBI की कमाई का सबसे बड़ा स्रोत सरकारी बांड और प्रतिभूतियों में निवेश है। जब सरकार को धन की आवश्यकता होती है, तो वह RBI से उधार लेती है और इसके बदले में सरकारी बांड जारी करती है। RBI इन बांडों को खरीदता है और उन पर ब्याज प्राप्त करता है। यह ब्याज RBI की कमाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

विदेशी मुद्रा भंडार

RBI विदेशी मुद्रा भंडार को भी मैनेज करता है। जब भारत में विदेशी मुद्रा की आवक होती है, जैसे निर्यात या विदेशी निवेश के माध्यम से, तो RBI इसे खरीदता है। इन विदेशी मुद्राओं को निवेश करने पर प्राप्त ब्याज और अन्य आय RBI के लिए एक और कमाई का स्रोत है। इसके अलावा, विदेशी मुद्रा भंडार में स्वर्ण और अन्य परिसंपत्तियों का मूल्य वृद्धि भी RBI की आय में योगदान करती है।

बैंकिंग सेवाएं और शुल्क

RBI भारतीय बैंकों को विभिन्न सेवाएं प्रदान करता है और इसके बदले में शुल्क लेता है। उदाहरण के लिए, बैंक जब भी नकद की जरूरत होती है या अतिरिक्त नकद जमा करना होता है, तो वे RBI से संपर्क करते हैं। इस प्रक्रिया में शुल्क और सेवा शुल्क RBI के आय का हिस्सा होते हैं। इसके अलावा, RBI बैंकों के लिए चेक क्लियरिंग और भुगतान निपटान सेवाएं भी प्रदान करता है।

ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMOs)

ओपन मार्केट ऑपरेशंस RBI के एक अन्य महत्वपूर्ण आय स्रोत हैं। OMOs के माध्यम से, RBI बाजार में सरकारी बांड और प्रतिभूतियों की खरीद और बिक्री करता है ताकि मुद्रा आपूर्ति को नियंत्रित किया जा सके। इन लेनदेन से प्राप्त लाभ भी RBI की आय में शामिल होता है।

मौद्रिक नीति संचालन

मौद्रिक नीति संचालन के तहत, RBI रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट का उपयोग करता है। रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को अल्पकालिक उधारी प्रदान करता है, जबकि रिवर्स रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों से अल्पकालिक उधारी लेता है। इन लेनदेन पर ब्याज आय भी RBI की कमाई में योगदान करती है।

प्रिंटिंग और मिंटिंग

भारतीय रिजर्व बैंक मुद्रा नोटों की छपाई और वितरण का भी जिम्मा संभालता है। हालांकि मुद्रा नोटों की छपाई पर खर्च होता है, लेकिन सरकार को मुद्रा जारी करने की सेवाएं प्रदान करने के बदले में RBI को सरकार से शुल्क प्राप्त होता है।

लाभांश और अधिशेष

RBI अपनी आय से अपने परिचालन खर्चों को घटाने के बाद बचे हुए अधिशेष को भारत सरकार को लाभांश के रूप में हस्तांतरित करता है। यह लाभांश भी RBI की कुल कमाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।

Jagannath Dham: क्या आप जानते हैं पुरी का ये रहस्य!

Positive सार

भारतीय रिजर्व बैंक की कमाई के स्रोत विविध और जटिल हैं। सरकारी बांड, विदेशी मुद्रा भंडार, बैंकिंग सेवाएं, ओपन मार्केट ऑपरेशंस, मौद्रिक नीति संचालन, और मुद्रा प्रिंटिंग जैसी गतिविधियाँ इसके प्रमुख आय स्रोत हैं। इन सभी गतिविधियों के माध्यम से RBI न केवल अपने खर्चों को पूरा करता है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिरता और विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।

Avatar photo

Rishita Diwan

Content Writer

ALSO READ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Owner/Editor In Chief: Dr.Kirti Sisodia 

Office Address: D 133, near Ram Janki Temple, Sector 5, Jagriti Nagar, Devendra Nagar, Raipur, Chhattisgarh 492001

Mob. – 6232190022

Email – Hello@seepositive.in

FOLLOW US​

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.