Budget 2026
जानें आम आदमी की जेब पर कितना होगा असर
Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वर्ष 2026 का बजट पेश कर दिया है। इस बजट का मुख्य फोकस भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक चुनौतियों, विशेष रूप से अमेरिकी टैरिफ नीतियों से सुरक्षित रखना और घरेलू विनिर्माण (Domestic Manufacturing) को बढ़ावा देना है। सरकार ने निर्यात को गति देने के लिए जहां कई कच्चे मालों पर आयात शुल्क (Import Duty) घटाया है, वहीं कुछ क्षेत्रों में टैक्स की दरें बढ़ाकर राजस्व जुटाने का भी प्रयास किया है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इस बजट के बाद आपकी रसोई से लेकर आपकी निवेश की दुनिया तक क्या-क्या बदलने वाला है।
सेहत और शिक्षा
आम आदमी को बड़ी राहत
बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र को सबसे बड़ी राहत मिली है। सरकार ने कैंसर रोगियों के लिए जीवन रक्षक 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म करने का एलान किया है। इसके साथ ही, 7 अन्य गंभीर बीमारियों की दवाओं के निजी आयात पर भी शुल्क में भारी कटौती की गई है।
शिक्षा और इलाज के लिए विदेश पैसे भेजने (Remittance) वालों के लिए भी खुशखबरी है। 10 लाख रुपये तक के लेनदेन पर TCS (Tax Collected at Source) को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। इससे विदेशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
तकनीक और गैजेट्स
डिजिटल इंडिया को बूस्ट
अगर आप नया टीवी या गैजेट खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय हो सकता है। सरकार ने लिथियम आयन सेल के निर्माण में उपयोग होने वाली वस्तुओं पर सीमा शुल्क कम कर दिया है। इसका सीधा असर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) की कीमतों पर पड़ेगा, जिससे पर्यावरण अनुकूल गाड़ियां सस्ती होंगी।
इसके अलावा, माइक्रोवेव ओवन के पुर्जों और टेलीविजन ट्यूब्स में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमोनेट पर भी शुल्क घटाया गया है। इससे स्मार्ट टीवी, माइक्रोवेव और ऑप्टिकल ग्लास से बनी चीजें किफायती हो जाएंगी। निजी उपयोग के लिए विदेश से मंगाई जाने वाली वस्तुओं पर टैरिफ घटाकर 10% कर दिया गया है, जो ऑनलाइन शॉपिंग करने वालों के लिए राहत की बात है।
‘मेक इन इंडिया’ और विनिर्माण को प्रोत्साहन
देश में विनिर्माण को सस्ता बनाने के लिए रक्षा क्षेत्र और एयरक्राफ्ट विनिर्माण के घटकों पर कस्टम ड्यूटी कम की गई है। इससे स्वदेशी लड़ाकू विमान और रक्षा उपकरण बनाना सस्ता होगा। साथ ही, जूतों के ऊपरी हिस्सों और समुद्री खाद्य उत्पादों (Seafood) की प्रोसेसिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान पर शुल्क छूट दी गई है, जिससे इन उद्योगों में रोजगार और निर्यात दोनों बढ़ेंगे। सेमीकंडक्टर और न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी खनिजों की प्रोसेसिंग पर भी राहत जारी रखी गई है।
पर्यटन और मध्यम वर्ग की खुशियां
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 10 लाख रुपये तक के टूर पैकेज पर TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया है। हालांकि, 10 लाख से अधिक के लग्जरी टूर पैकेजों पर 20% का भारी टैक्स जारी रहेगा। इसके अलावा, तेंदुपत्ता पर भी टैक्स घटाया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।
क्या हुआ महंगा?
यहाँ बढ़ेगी आपकी चिंता
बजट में कुछ चीजें ऐसी भी हैं जिन्होंने मध्यम वर्ग की चिंता बढ़ा दी है,
शराब और नशा
शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले अल्कोहल पर TCS 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है, जिससे शराब की कीमतें बढ़ना तय है।
शेयर बाजार में निवेश
स्टॉक ऑप्शंस और फ्यूचर ट्रेडिंग (F&O) करने वालों के लिए यह बजट झटका लेकर आया है। लेन-देन पर टैक्स (STT) 0.02% से बढ़ाकर 0.05% कर दिया गया है।
कबाड़ और खनिज
कबाड़ (Scrap), कोयला और लौह अयस्क पर TCS बढ़ा दिया गया है, जिससे भविष्य में स्टील और बिजली उत्पादन की लागत बढ़ सकती है।
सख्त नियम
आयकर चोरी पर भारी जुर्माना
पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने दंड के नियमों को और कड़ा किया है। यदि कोई व्यक्ति आयकर रिटर्न में गलत जानकारी देता है, तो उस पर टैक्स राशि का 100% जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, विदेश में या देश में अपनी चल संपत्ति (Movable Assets) का खुलासा न करने पर भी भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
Positive Takeaway
बजट 2026 एक संतुलित दृष्टिकोण पेश करता है। जहाँ एक ओर गंभीर बीमारियों के इलाज और तकनीक को सस्ता कर आम आदमी को राहत दी गई है, वहीं दूसरी ओर शेयर बाजार और विलासिता की वस्तुओं पर लगाम कसने की कोशिश की गई है। ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए रक्षा और विनिर्माण क्षेत्र को दी गई छूट निश्चित रूप से देश को आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी।

