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Jhulan Goswami ने कैसे खोली क्रिकेट के लिए लड़कियों की राह, यूं ही नहीं कहलाती चकदा एक्सप्रेस!

by Rishita Diwan

Date & Time: Sep 26, 2022 4:00 PM

Read Time: 3 minute



Jhulan Goswami, महिला क्रिकेट की वह तेज गेंदबाज जिन्होंने महिलाओं के लिए खेल के नए रास्ते खोल दिए। भारत की शानदार क्रकेट प्लेयर झूलन गोस्वामी ने दो दशक लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के बाद सिर्फ क्रिकेट का मैदान ही नहीं छोड़ा, बल्कि वे एक विरासत छोड़कर गई हैं। 39 वर्षीय झूलन ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ लार्ड्स में अपना आखिरी वनडे मैच खेलकर अंतरर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। झूलन टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से पहले ही रिटायरमेंट ले चुकी हैं। भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड को तीन मैचों की वनडे सीरीज में 3-0 से हराते हुए झूलन गोस्वामी को शानदार तरीके से विदाई दी।

सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय विकेट लेने वाली महिला गेदबाज

झूलन गोस्वामी ने बतौर महिला तेज गेंदबाज सिर्फ दुनिया में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय विकेट ही नहीं लिए, बल्कि एक नई परंपरा की शुरूआत भी कर दी, जिसमें भारत की बेटियां अब क्रिकेट में भी करियर बनाने के सपने देख कर उसे पूरा कर रही हैं। सीधे-सीधे कहें तो झूलन गोस्वामी ही वह क्रिकेटर हैं जिन्होंने भारत में लड़कियों के लिए क्रिकेट के रास्ते खोल दिए हैं। झूलन ने अपने शानदार प्रदर्शन से सबको देश में महिला क्रिकेट को गंभीरता से लेने के लिए मजबूर किया। 
उन्होंने यह साबित कर दिया है कि क्रिकेट अब सिर्फ 'जेंटलमेंस गेम’ नहीं रहा, यह 'जेंटलवूमेंस’ का भी खेल है।

आसान नहीं था झूलन का रास्ता

वैसे तो भारत में 1976 में ही महिला क्रिकेट की शुरूआत हो गई थी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहला टेस्ट मैच वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेला था। उसके दो साल बाद 1978 में महिला क्रिकेट विश्वकप से वनडे क्रिकेट में भी अपना आगाज किया, लेकिन देश में शुरुआती दशकों में महिला क्रिकेट को गंभीरता से नहीं लिया जाता रहा। जहां आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों में महिला क्रिकेट काफी लोकप्रिय थे, वहीं भारत में महिला क्रिकेट में किसी की दिलचस्पी नहीं थी। 
महिला क्रिकेटरों के नाम तो किसी को पता तक नहीं थे।

इसी दौर में झूलन ने भी खेलना शुरू किया था। साल 2002 बंगाल के नदिया जिले के छोटे से शहर चकदह की मध्यमवर्गीय परिवार की एक लड़की ने क्रिकेटर बनने का ज़ज्बा दिखाया और तमाम कठिनाइयों को पार करते हुए न सिर्फ लंदन के ऐतिहासिक लाड्र्स तक जा पहुंची बल्कि भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर और तकदीर ही बदल दी।

झूलन के रिकॉर्ड्स

भारत के लिए 12 टेस्ट, 204 वनडे और 68 टी20 मैच खेले।

टेस्ट में 44, वनडे में 255 और टी20 में 56 विकेट अपने नाम किए।

255 विकेट और वनडे में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली महिला क्रिकेटर

बोल्ड (95), विकेट कीपर के हाथ कैच (40) , LBW (56) में सबसे ज्यादा विकेट

10,005 गेदों के साथ ODI में सबसे ज्यादा गेंद फेंकने वाली महिला क्रिकेटर

महिला टेस्ट क्रिकेट में दूसरा सबसे लंबा करियर-19 साल 262 दिन

महिला ODI क्रिकेट में दूसरा सबसे लंबा करियर- 20 साल 261 दिन

23 साल की उम्र में एक टेस्ट में 10 विकेट लेने वाली सबसे युवा महिला क्रिकेटर

वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 40 विकेट लेने वाली महिला क्रिकेटर

2007 में आईसीसी वुमंस क्रिकेटर ऑफ द ईयर

महिला क्रिकेट में सबसे तेज गेंदबाजों में शामिल, झूलन 115-120 कि.मी. प्रति घंटा की गति से गेंदबाजी

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