Wild Buffalo: छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु को कैसे किया जा रहा है संरक्षित?

Wild Buffalo: छत्तीसगढ़ की समृद्ध जैव विविधता का प्रतीक वन भैंसा (Wild Buffalo) एक समय राज्य के जंगलों में बड़ी संख्या में पाया जाता था। आज यह प्रजाति विलुप्ति के कगार पर है। यह न केवल पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा है बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं कि यह जीव क्यों महत्वपूर्ण है और इसके संरक्षण के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं।

वन भैंसा की पहचान और विशेषताएं

  • वैज्ञानिक नाम- Bubalus arnee
  • वजन- 800 से 1200 किलोग्राम
  • सींग की लंबाई- 2 मीटर तक
  • रंग- गहरा भूरा या काला
  • निवास- घने जंगल, घास के मैदान और दलदली क्षेत्र
  • स्वभाव- सामाजिक प्राणी, झुंड में रहना पसंद करता है

वन भैंसा का छत्तीसगढ़ से रिश्ता

वन भैंसा छत्तीसगढ़ का राजकीय पशु है। यह राज्य की शक्ति, साहस और दृढ़ता का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 1981 में इसे यह दर्जा दिया गया था। छत्तीसगढ़ में मुख्य रूप से यह इंद्रावती टाइगर रिजर्व और उदंती-सीतानदी अभयारण्य में पाया जाता है।

संस्कृति और धार्मिक महत्व

वन भैंसा को हिंदू धर्म में भगवान शिव से जोड़ा जाता है, जहां इसे नंदी के रूप में पूजा जाता है। स्थानीय जनजातियों में भी इसे शक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। कई आदिवासी समुदाय इसे अपने रीति-रिवाजों और त्योहारों में शामिल करते हैं।

वन भैंसा के संकट के कारण

  • वनों की कटाई- कृषि और अन्य विकास कार्यों के लिए जंगलों का विनाश हुआ।
  • अवैध शिकार- इसके मांस और सींग की तस्करी होती है।
  • बीमारियां- घरेलू मवेशियों से फैलने वाले रोगों का खतरा बढ़ा है।
  • संख्या में गिरावट- वर्तमान में छत्तीसगढ़ में केवल 24 वन भैंसे ही बचे हैं।

सरकार और वन्यजीव संगठनों के प्रयास

  • संरक्षित क्षेत्र- वन्यजीव अभयारण्यों का विस्तार किया गया है।
  • प्रजनन कार्यक्रम- असम से लाए गए वन भैंसे से प्रजनन कर संख्या बढ़ाने की कोशिश।
  • जागरूकता अभियान- स्थानीय लोगों को वन्यजीव संरक्षण के प्रति प्रेरित किया जा रहा है।

क्या हम वन भैंसे को बचा सकते हैं?

वन भैंसा को बचाने के लिए सरकार के साथ-साथ आम जनता की भी भागीदारी जरूरी है। यदि हम इसके संरक्षण के प्रति सचेत रहें, अवैध शिकार को रोकें और जागरूकता फैलाएं, तो इस अनमोल धरोहर को बचाया जा सकता है।

Avatar photo

Rishita Diwan

Content Writer

ALSO READ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Owner/Editor In Chief: Dr.Kirti Sisodia 

Office Address: D 133, near Ram Janki Temple, Sector 5, Jagriti Nagar, Devendra Nagar, Raipur, Chhattisgarh 492001

Mob. – 6232190022

Email – Hello@seepositive.in

FOLLOW US​

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.