Farming in Chhattisgarh: खुशहाल हो रहे छत्तीसगढ़ के किसान!

6 साल पहले छत्तीसगढ़ में किसानों की संख्या 15 लाख थी, जो अब बढ़कर 25 लाख हो गई है। नयी तकनीक के साथ ही साथ यह वृद्धि राज्य और केंद्र  सरकार की योजनाओं और जागरूकता अभियानों की सफलता है।  यह बढ़त छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों को दर्शाती है। किसानों की संख्या में वृद्धि और नई तकनीकों का उपयोग किस प्रकार खेती के माहौल को बदल रहा है, इसे विस्तार से जानें

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग

ड्रिप इरिगेशन, स्प्रिंकलर सिस्टम और हाईब्रिड बीज जैसी तकनीकों का ज्यादा उपयोग होने लगा है।  मॉडर्न कृषि उपकरण और स्मार्ट फार्मिंग से उत्पादन में वृद्धि हो रही है। कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का योगदान अधिक बढ़ा है जिसके जरिये किसानों को बहुत से ऑटोमैटिक सिस्टम द्वारा खेती करने में मदद मिल रही है।

किसानों की संख्या में वृद्धि

किसान भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, और हाल के वर्षों में, किसानों की संख्या में वृद्धि और नई तकनीकों का उपयोग खेती के पारंपरिक माहौल को पूरी तरह से बदल रहा है। बढ़ती जनसंख्या और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ने जैविक खेती की मांग को बढ़ावा दिया है। इसके चलते छोटे और मध्यम किसान इस क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। छत्तीसगढ़ में ही पिछले 6 सालों  में किसान 15 लाख से बढ़कर 25 लाख हुए।

सरकारी योजनाओं का प्रभाव

इन योजनाओं के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों, उन्नत बीजों, और सिंचाई के उन्नत साधनों के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। कृषि ऋण माफी, और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी जैसे कदमों ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। जागरूकता अभियानों ने किसानों को खेती के नए तरीकों, जैविक खेती, और फसल विविधीकरण के महत्व को समझने में मदद की है। इस सकारात्मक माहौल ने अधिक लोगों को कृषि क्षेत्र से जुड़ने और अपनी आय में सुधार करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

अर्थव्यवस्था की रीढ़ है किसान

छत्तीसगढ़ में किसानों की संख्या का 15 लाख से 25 लाख तक पहुंचना न केवल कृषि क्षेत्र के विकास को दर्शाता है, बल्कि यह राज्य के ग्रामीण विकास और खाद्य सुरक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि सरकार और किसान मिलकर नई तकनीकों, क्रॉप डायवर्सिफिकेशन और नए खेती के तरीकों पर ध्यान केंद्रित करें, तो छत्तीसगढ़ न केवल “धान का कटोरा” बल्कि एक मॉडल कृषि राज्य के रूप में उभर सकता है।

Positive सार

छत्तीसगढ़ में कृषि के क्षेत्र में यह बदलाव किसानों की आय और जीवन स्तर को सुधारने में मदद कर रहा है। नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं के कोआर्डिनेशन से राज्य का कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। भविष्य में युवा भी खेती से जुड़े और इस क्षेत्र में नयी स्टार्ट-अप कम्पनियां आने की संभावना बढ़ेगी

Avatar photo

Rishita Diwan

Content Writer

ALSO READ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Owner/Editor In Chief: Dr.Kirti Sisodia 

Office Address: D 133, near Ram Janki Temple, Sector 5, Jagriti Nagar, Devendra Nagar, Raipur, Chhattisgarh 492001

Mob. – 6232190022

Email – Hello@seepositive.in

FOLLOW US​

GET OUR POSITIVE STORIES

Uplifting stories, positive impact and updates delivered straight into your inbox.