Farmer ID: किसानों के लिए डिजिटल पहचान, मिलेगा लाभ!

Farmer ID: किसानों के हितों को सुनिश्चित करने और योजनाओं के लाभ आसानी से पहुंचाने के उद्देश्य से भारत सरकार ने किसानों के लिए आधार कार्ड की तरह एक विशेष पहचान पत्र, ‘फार्मर आईडी,’ बनाने की पहल की है। यह पहल डिजिटल कृषि मिशन के तहत शुरू की गई है, जो कृषि क्षेत्र में तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों का प्रतीक है। आइए, इस नई व्यवस्था के मुख्य बिंदुओं पर एक नजर डालते हैं।

क्या है फार्मर आईडी?

फार्मर आईडी एक डिजिटल पहचान पत्र है, जिसमें किसानों से संबंधित सभी महत्वपूर्ण विवरण जैसे भूमि की जानकारी, बुआई गई फसलों का डेटा, पशुधन और अन्य कृषि गतिविधियों के रिकॉर्ड शामिल होंगे।

क्या होंगे फायदे?

  • सभी योजनाओं के लाभ एक ही पहचान पत्र के माध्यम से मिलेंगे
  • बार-बार केवाईसी कराने की आवश्यकता खत्म होगी।
  • किसानों की संपूर्ण जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी।

डिजिटल कृषि मिशन की भूमिका

फार्मर आईडी ‘डिजिटल कृषि मिशन’ का एक अहम हिस्सा है। इस मिशन का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में डिजिटल ढांचा तैयार करना और योजनाओं के लाभों को अधिक प्रभावी तरीके से किसानों तक पहुंचाना है।

जरूरी बातें

  • 2817 करोड़ रुपये की लागत से इस मिशन को क्रियान्वित किया जा रहा है।
  • ‘एग्री स्टैक’ योजना के तहत डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) का विकास।
  • किसानों के जोत, फसल और पारिवारिक विवरण का संग्रह।

कैसे बनेगी फार्मर आईडी?

फार्मर आईडी केंद्र और राज्य सरकारों के सहयोग से बनाई जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत उत्तर प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र समेत छह राज्यों के कुछ जिलों में इसका परीक्षण किया गया है। बिहार के छह जिलों में इसे लागू किया गया है।

प्रोसेस क्या होगा?

  • किसानों की भूमि और फसलों का डिजिटल सर्वेक्षण।
  • राज्यों और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से डेटा साझा करना।

लक्ष्य और प्रगति

केंद्र सरकार ने आगामी तीन वर्षों में 11 करोड़ किसानों को डिजिटल पहचान देने का लक्ष्य रखा है।

  • 2024-25: 6 करोड़ किसानों की पहचान।
  • 2025-26: 3 करोड़ किसान।
  • 2026-27: 2 करोड़ किसान।

अब तक की प्रगति

  • दिसंबर 2024 तक 30 लाख फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।
  • दो वर्षों के भीतर देशभर में डिजिटल फसल सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा।
  • 2024-25 तक 400 जिलों में कवरेज।
  • 2025-26: शेष सभी जिलों में।

किसानों के लिए संभावित फायदे

  • योजनाओं के लाभ सही किसान तक पहुंचाने में मदद।
  • मिट्टी स्वास्थ्य, फसल पैटर्न और अन्य कृषि विवरण के लिए वैज्ञानिक निर्णय।
  • किसानों को कागजी कार्यवाही से राहत।

Positive सार

फार्मर आईडी किसानों के जीवन में एक बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखता है। यह कदम न केवल उनकी समस्याओं को हल करेगा, बल्कि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता भी लाएगा। डिजिटल कृषि मिशन और फार्मर आईडी का समन्वय भारत को कृषि में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।

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Rishita Diwan

Content Writer

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