Drone Didi: ड्रोन स्किल से महिलाओं को मिला सपनों का आसमान!

Drone Didi: ड्रोन को रिमोट से अपने इशारों पर नचाती परवीन उन खुश लड़कियों में से एक है जिन्हें खुद पर गर्व है। कृषि के क्षेत्र में अपने ड्रोन से बेहतर कौशल के रास्ते खोलती इन स्किल्ड लड़कियों को ड्रोन दीदी कहते हैं। ये अपनी कहानी खुद लिख रही हैं। जानते हैं क्या है ड्रोन दीदीयों की कहानी

परवीन की कहानी

परवीन कहती हैं कि कभी लोग मुझे हिना परवीन के नाम से पहचानते थे। लेकिन आज लोग ड्रोन पायलट कहते हैं। खेती-किसानी के लिए ड्रोन उड़ाते समय मैं काफी गौरान्वित महसूस करती हूं। बिहार की राजधानी पटना से करीब सौ किलोमीटर दूर नालंदा जिले में रहने वाली हिना परवीन ने ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग ली है। उन्होंने ड्रोन पायलट बनकर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

सरकार से मिली मदद

हिना को बिहार सरकार की उद्यमी योजना से कृषि ड्रोन सहायता प्राप्त हुई है। इन्हें कृषि ड्रोन के लिए सरकार की ओर से दस लाख रुपये भी दिया गया है। जिसमें पांच लाख रुपये की सब्सिडी शामिल है। वहीं पांच लाख की राशि सात साल परवीन को लौटानी होगी। परवीन का कहना है कि उन्होने सरकार द्वारा चयनित वैमानिका एयरोस्पेस से पिछले साल प्रशिक्षण से बहुत कुछ सीखा और अब वो इस क्षेत्र में अपना करियर बना रही हैं। बदलाव के इस युग में, जहां खेती आधुनिक तरीके हो रही है। उस दौर में कृषि ड्रोन एक क्रांतिकारी बदलाव बनकर आया है और कई लोगों की जिंदगी सुधार रहा है।

पढ़ाई और रोजगार एक साथ

नालंदा के हिलसा की रहने वाली परवीन कहती हैं कि जब वह कृषि ड्रोन की ट्रेनिंग कर रही थीं। तब उनके साथ कई महिलाएं प्रशिक्षण ले रही थीं। सब यही कहते थे कि ड्रोन पायलट बनकर उन्हें समाज में एक अलग स्थान मिलेगी। परवीन अभी बीए की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होने कभी नहीं सोचा था कि जिस विषय से पढ़ाई  वो कर रही हैं उससे उन्हें कभी पायलट बनने का मौका मिलेगा। लेकिन कृषि ड्रोन पायलट बनने के लिए किसी भी विषय में पढ़ाई के साथ इसके प्रति लगाव होना चाहिए ये समझ उनमें विकसित हुई। आज पढ़ाई भी नहीं छूटी और ड्रोन पायलट बनकर उन्हें रोजगार से जुड़ने का मौका भी मिल रहा है।

प्रतिदिन 2 हजार रुपए कमाई

ड्रोन पायलट बनकर हिना एक दिन में दो हजार रुपये आसानी से कमाती हैं। अभी जिले में ही दवा का छिड़काव कर उनकी आमदनी हो रही है। हिना कहती हैं कि कृषि ड्रोन का केवल उपयोग दवा छिड़कने के लिए ही नहीं है फसल के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी हासिल करने में भी मिल जाती है। हिना खुश हैं और किसान भाइयों को ड्रोन दीदीयों की मदद भी मिल रही है।

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Rishita Diwan

Content Writer

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