Banana Farming: केले के फल, तने और पत्तियों से भी कमा सकते हैं मुनाफा

Banana Farming: केला एक ऐसा फल है, जो पूरी दुनिया में खाया जाता है। भारत में केले की खेती कफी लोकप्रिय है। क्योंकि यह एक ऐसा फल है जो कम समय में तैयार होता है। केले की मांग बाजार में पूरे साल रहती है। केले का सिर्फ फल नहीं बल्की इसके तने पत्तियों का भी व्यवसायिक उपयोग होता है। आइए जानते हैं केले की खेती और इससे किए जा सकते वाले व्यापार के बारे में।

आसान है केले की खेती

केले की खेती करना दूसरे फलों की तुलना में आसान है। इसकी खेती गर्म और आर्द्र जलवायु में और भी अच्छी तरह से होती है। केले का पौधा बहुत जल्दी बढ़ता है और एक साल से पहले ही फल देने लगता है। पैदावार मौसम और जमीन की उर्वरता पर भी निर्भर करती है लेकिन अच्छी देखभाल से इसमें ज्यादा पैदावार हो सकती है।

कैसे लें अच्छी पैदावार?

केले की फसल की अच्छी पैदावार लेने के लिए कुछ बातों को ध्यान में रखन ज रूरी है। इससे कम मेहनत में केले के अच्छे फल मिल सकते हैं-

मिट्टी: केले की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है। मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि केले को ज्यादा पानी की जरूरत होती है।

सिंचाई: केले के पौधे में सिंचाई का खास ध्यान देना होताहै।खासकर गर्मी के दिनों में लगातार सिंचाई की व्यवस्था होनी चाहिए।

खाद: केले के पौधों के लिए जैविक खाद का उपयोग करना फायदेमंद रहता है। इसके अलावा, नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की सही मात्रा का इस्तेमाल करना चाहिए।

केले के फलों का व्यापार

केला एक ऐसा फल है जिसे हर मौसम में बेचा जा सकता है। यह ताजगी में पककर बहुत जल्दी खराब हो सकता है, इसलिए इसे सही तरीके से पैक करके बेचना चाहिए। केला ताजे फल के रूप में तो फायदा पहुंचाता ही है साथ ही इसके बाई प्रोडक्ट भी मार्केट में अच्छी कीमत में बिकते हैं। बनाना चिप्स, बनाना पाउडर और बनाना जूस की आजकल काफी डिमांड है। इसके अलावा केले के तने से रस्सी और डिस्पोजेबल प्लेट्स भी तैयार किए जाते हैं।

बनाना पाउडर

केले का पाउडर बनाना एक अच्छा व्यवसाय हो सकता है। केले के पावडर से मिठाई, शेक, केक और कई तरह के बेकिंग आइटम बनाए जाते हैं। कुछ आयुर्वेदिक दवाओं में और ब्यूटी प्रोडक्ट में भी बनाने में भी किया जाता है।

बनाना पाउडर बनाने का प्रोसेस

बनाना पावडर बनाना काफी आसान होता है इसके लिए कुछ स्टेप्ट को फॉलो करना पड़ता है जो इस तरह है-

सबसे पहले अच्छी क्वालिटी के केले को अलग कर लिया जाता है। इसके बाद इसे साफ करके छिलके उतार लिए जाते हैं। छिलके उतारने के बाद या तो धूप में या ओवन में अच्छी तरह सुखा लिया जात है। सुखने के बाद इसे पीसकर पावडर तैयार कर लिया जाता है। पावडर को एयरटाइड कंटेनर में रखा जाता है। नमी पड़ने पर केले का पावडर खराब हो सकता है।

केले के तने का उपयोग

केले के पौधे का तना  जिसे “बनाना स्टेम” भी कहा जाता है काफी उपयोगी होता है। इससे तैयार प्रोडक्ट बाजार में आसानी से सेल किए जा सकते हैं।

बनाना स्टेम जूस- केले के तने का रस स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह शरीर के लिए डिटॉक्सिफायर के रूप में काम करता है। इसका उपयोग पेट के रोगों को ठीक करने के लिए किया जात है।

बनाना स्टेम फाइबर- केले के तने से फाइबर निकाला जाता है, इस फाइबर से रस्सी बनाकर कई तरह के कपड़े, टोकरियां और सजावटी सामान बनाया जाता है।  

वर्मी कम्पोस्ट- केले के तने का इस्तेमाल वर्मी कम्पोस्ट बनाने में भी किया जाता है, जो  एक नेचुरल फर्टिलाइजर के रूप में काम आता है।

Positive सार

केला हर तरह से लाभकारी फसल है। केले के फल से लेकर तने तक का व्यवसायिक उपयोग किया जा सकता है। आज किसान सिर्फ केले के फल बेचकर मुनाफा नहीं कमा रहे बल्की बनाना पाउडर और केले के तने से उत्पाद बनाकर भी इनकम जनरेट कर रहे हैं। सही तरीके से खेती और प्रसंस्करण किया जाए, तो केले की खेती से व्यवसाय में शानदार सफलता मिल सकती है।

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Rishita Diwan

Content Writer

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