क्यों वर्मी कंपोस्ट है जैविक खाद का बेहतरीन स्रोत?

आज के समय में कृषि के क्षेत्र में उर्वरकों का महत्वपूर्ण स्थान है। रासायनिक उर्वरकों का अधिक उपयोग मिट्टी की गुणवत्ता को घटा सकता है। यह पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में वर्मी कंपोस्ट एक प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प के रूप में उभरा है। वर्मी कंपोस्ट को ‘वर्मीकल्चर’ भी कहा जाता है। यह कृषि में जैविक खाद के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह खाद प्रकृति के नियमों के अनुसार बनती है और न केवल पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देती है, बल्कि मिट्टी की संरचना को भी सुधारती है। आइए इस आर्टिकल से जानें वर्मी कंपोस्ट के फायदे और इसे बनाने की विधि के बारे में।

क्या है वर्मी कंपोस्ट ?

वर्मी कंपोस्ट उन खादों को कहते हैं जो विभिन्न प्रकार के कीड़ों (विशेषकर रात्रिचर कृमि) द्वारा जैविक पदार्थों के विघटन से तैयार होती हैं। इन कृमियों के शरीर के माध्यम से जब सूक्ष्म जीवों का अपघटन होता है तो वह जैविक पदार्थ, जैसे कि पत्तियाँ, घास, कचरा, बायोमास आदि को मिट्टी के रूप में बदल देते हैं। यह प्राकृतिक खाद मिट्टी में पोषक तत्वों का संचार करती है और पौधों की वृद्धि में सहायक होती है।

वर्मी कंपोस्ट के फायदे

मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है: वर्मी कंपोस्ट मिट्टी की संरचना को सुधारता है और उसमें पोषक तत्वों का स्तर बढ़ाता है। यह मिट्टी को बेहतर जलधारण क्षमता और वायु संचार प्रदान करता है, जिससे पौधे स्वस्थ और मजबूत होते हैं।

पारंपरिक उर्वरकों का बेहतर विकल्प: वर्मी कंपोस्ट रासायनिक उर्वरकों की तुलना में अधिक सुरक्षित और पर्यावरण-friendly होता है। इसके उपयोग से मिट्टी में कोई हानिकारक रासायनिक अवशेष नहीं रहते, जो पौधों और मनुष्यों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।

मिट्टी के PH संतुलन को बनाए रखता है: वर्मी कंपोस्ट मिट्टी के pH संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। यह अधिक खारी या अम्लीय मिट्टी के लिए भी उपयुक्त है, जिससे विभिन्न प्रकार की फसलों के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार होता है।

पोषक तत्वों से भरपूर: वर्मी कंपोस्ट में नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व होते हैं, जो पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देते हैं। यह न केवल पौधों की जड़ें मजबूत बनाता है, बल्कि उनकी पत्तियाँ, फूल और फल भी स्वस्थ होते हैं।

कृषि में कीट नियंत्रण: वर्मी कंपोस्ट का नियमित उपयोग मिट्टी में मौजूद हानिकारक कीटों को कम करता है, क्योंकि इसमें जैविक पदार्थ होते हैं जो मिट्टी के अच्छे सूक्ष्मजीवों को बढ़ावा देते हैं, जिससे कीट नियंत्रण में मदद मिलती है।

वर्मी कंपोस्ट बनाने की विधि

सामग्री एकत्रित करें: वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए सबसे पहले आपको कुछ सामग्री की आवश्यकता होगी जैसे- सूखी पत्तियाँ, खाद्य अपशिष्ट (फल और सब्जियों के छिलके, बचे हुए आहार), बायोमास, और कुछ रात्रिचर कृमि (earthworms)।

कंटेनर का चुनाव: वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए एक उपयुक्त कंटेनर (जैसे लकड़ी या प्लास्टिक की बिन) का चयन करें, जिसमें निचे की ओर छेद हो ताकि हवा का संचार हो सके और पानी की निकासी हो सके। कंटेनर को ठंडी और शीतल जगह पर रखें।

कृमियों का पालन करें: कृमि कंपोस्ट बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चरण है कृमियों का पालन। आप विशेष रूप से रात्रिचर कृमि का चयन करें, जो खाद्य पदार्थों को बहुत प्रभावी तरीके से अपघटित करते हैं। ये कृमि मिट्टी में मौजूद बायोमास को तेजी से तोड़ते हैं और उसे पोषक तत्वों से भरपूर खाद में बदल देते हैं।

सामग्री का सही मिश्रण: कंटेनर में बायोमास को थोड़ा-थोड़ा करके डालें और उन पर पानी छिड़कें ताकि वह नम हो जाएं। ध्यान रखें कि मिश्रण में न ज्यादा सूखा हो, न ज्यादा गीला। गीला वातावरण कृमियों के लिए अनुकूल होता है।

समय-समय पर मिश्रण करें: हर कुछ दिनों में सामग्री को अच्छे से मिला लें ताकि कृमि सब जगह फैल सकें और हर हिस्से में अपघटन प्रक्रिया जारी रहे। करीब 2 से 3 हफ्तों में वर्मी कंपोस्ट तैयार हो जाती है, जिसे आप उपयोग कर सकते हैं।

वर्मी कंपोस्ट का उपयोग

गृह उद्यान में: वर्मी कंपोस्ट का सबसे आसान और प्रभावी उपयोग घर के बगीचे में किया जा सकता है। आप इसे पौधों की जड़ों में डाल सकते हैं, जिससे पौधों की वृद्धि और फूल-फलों की गुणवत्ता में सुधार होगा।

खेती में: बड़े पैमाने पर खेती करने वाले किसान भी वर्मी कंपोस्ट का उपयोग कर सकते हैं। यह फसलों को मजबूत बनाने के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता को बनाए रखने में भी मदद करता है।

पार्क और बागवानी में: सार्वजनिक उद्यानों, पार्कों और बागवानी में भी वर्मी कंपोस्ट का उपयोग किया जा सकता है, जिससे सार्वजनिक स्थानों की सुंदरता और हरियाली बनी रहती है।

Positive सार

वर्मी कंपोस्ट न केवल एक पर्यावरणीय दृष्टिकोण से बेहतरीन विकल्प है, बल्कि यह कृषि और बागवानी में लागत को भी कम करता है। यह मिट्टी को प्राकृतिक तरीके से उर्वर बनाने का एक प्रभावी तरीका है, जिससे फसल की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार हो सकता है। यदि आप अपने बगीचे, खेत या घर के आंगन को हरियाली से सजाना चाहते हैं, तो वर्मी कंपोस्ट एक आदर्श विकल्प साबित हो सकता है। यह हमारे पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है, क्योंकि यह जैविक और प्राकृतिक रूप से तैयार होता है।

Sonal Gupta

Content Writer

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