Gram Farming: चने की इस नई किस्म से किसानों को मिलेगा फायदा, जानें 65 सेमी ऊंचे चने के झाड़ की खेती से कैसे किसान होंगे लाभान्वित!



Chana Ki Kheti: चना एक मुख्य दलहनी फसल है, जिसे रबी के सीजन में की जाती है। भारत के उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और बिहार राज्यों में बड़े पैमाने पर चने की खेती की जाती है। चना वह फसल है जिसमें कई खूबियां होती है, जिसकी वजह से इसे दालों का राजा भी कहते हैं। मध्य प्रदेश में चना प्रमुख रूप से उगाया जाता है। यहां अक्टूबर-नवंबर के बीच चना की बुवाई होती है। यही से चना की बंपर उपज भी भारत को मिलती है। लेकिन इस साल किसानों के लिए चना की खेती काफी आसान होगी।

वैज्ञानिकों ने विकसित की है चने की नई किस्म

भारतीय वैज्ञानिकों ने चने की नई किस्म को विकसित किया है। ये पोषण के मामले कहीं ज्यादा फायदेमंद है। साथ ही किसानों के लिए मोटी आय का साधन भी तैयार होगी। इस नये चना की खेती करके किसानों की आधी से ज्यादा परेशानी खत्म होगी। जहां चना की कटाई में कई दिन लग जाते थे लेकिन इस नई किस्म की कटाई हार्वेस्टर से की जा सकेगी। जानते हैं चना की नई किस्म जवाहर चना 24 की खूबियों के बारे में।

जवाहर चना 24

आमतौर पर चना की लंबाई सिर्फ 45 से 50 सेमी के बीच होती है, लेकिन जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने चना की इस नई किस्म को विकसित किया है। इसका नाम है जवाहर चना-24, जिसकी कटाई हार्वेस्टर से होगी। इस मामले में पौध जनक और आनुवांशिक विभाग की प्रोफेसर एवं अखिल भारतीय चना समन्वित परियोजना जबलपुर की प्रभारी डॉ. अनिता बब्बर ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर बताया है कि वे काफी लंबे समय से चने की इस 
नई किस्म पर काम कर रही थीं। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि चना की ये किस्म यांत्रिक कटाई के लिए भी परफेक्ट है।

हार्वेस्टर से कटाई के दौरान नहीं टूटेगा दाना

अक्सर ऐसा होता है कि ज्यादा लंबाई वाले पौधे बीच में से टूट जाते हैं। वहीं इस पौध की ऊंचाई करीब 65 सेमी. तक है, जिसकी घेटिया पौधे में ऊपर की तरह मौजूद होगी। जवाहर चना 24 का पौधा कम फैलेगा, वहीं ये किस्म 110 से 115 दिनों में पककर तैयार होगी। इस किस्म के चना का दाना साधारण किस्मों की तुलना में काफी बड़ा और आकर्षक साथ ही कत्थई रंग का होता है। इसके पौधे का तना भी मोटा, मजबूत और तेज हवाओं के प्रति सहनशील होता है। इतना ही नहीं, ये 
किस्म सूखा सड़न और उगटा के प्रति भी काफी सहनशील भी है। जिसका लाभ किसानों को मिलेगा।

चना की इस नई खेती के बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि अखिल भारतीय चना समन्वित परियोजना जबलपुर ने जवाहर चना 24 को मध्य भारतीय राज्यों के लिए अनुमोदित किया है। यह अब मध्य प्रदेश के अलावा, महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड इलाकों में भी अच्छा उत्पादन देगा।

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Dr. Kirti Sisodia

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