छत्तीसगढ़ का बस्तर अंचल अब हिंसा और पिछड़ेपन के साए को पीछे छोड़कर विकास, विश्वास और जनजातीय गौरव के एक नए सूर्योदय का गवाह बन रहा है।
देश की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बस्तर प्रवास और ऐतिहासिक ‘मुरिया दरबार’ में सहभागिता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि देश का शीर्ष नेतृत्व बस्तर की संस्कृति और वहां के निवासियों के आत्मसम्मान के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर में शांति, सुरक्षा और सर्वसमावेशी विकास का एक नया मॉडल तैयार हुआ है, जो राज्य को ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर कर रहा है।
बस्तर विकास और परिवर्तन: मुख्य बिंदु
| विकास का क्षेत्र / पहलू | विवरण एवं मुख्य प्रावधान |
| शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन | महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का बस्तर दौरा और ‘मुरिया दरबार’ में सहभागिता |
| सुरक्षा और शांति | नक्सलवाद के प्रभाव में कमी, सुरक्षा कैंपों के विस्तार से आम जनजीवन सामान्य |
| बुनियादी ढांचा (Infrastructure) | सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का सुदूर अंचलों तक विस्तार |
| संस्कृति और पर्यटन | बस्तर ओलम्पिक, होमस्टे योजना और पारंपरिक लोक कलाओं का वैश्विक संरक्षण |
1. बस्तर में सुरक्षा और विश्वास का वातावरण: छंट रहा हिंसा का कोहराम
कभी उग्रवाद और हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब सुरक्षा और विकास के नए रास्ते पर चल पड़ा है।
- नक्सलवाद का घटता दायरा: राज्य सरकार और सुरक्षा बलों की समन्वित रणनीति से बस्तर में शांति की बहाली हुई है। अंदरूनी इलाकों में नए सुरक्षा कैंप स्थापित होने से शासन की कल्याणकारी योजनाएं अब सीधे अंतिम छोर के गांवों तक पहुंच रही हैं।
- आस्था और जनविश्वास: स्थानीय नागरिक अब विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और शासन के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
2. स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क: बुनियादी ढांचे का अभूतपूर्व विस्तार
बस्तर के विकास का मूल मंत्र हर नागरिक तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग के जिलों में स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति आई है:
- स्वास्थ्य सेवाएं: सुदूर वनांचलों में नए अस्पतालों, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और आयुष केंद्रों के जरिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
- सड़क और कनेक्टिविटी: रायपुर-जगदलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, रेल नेटवर्क और आंतरिक पक्की सड़कों के निर्माण से बस्तर देश के बाकी हिस्सों से तेजी से जुड़ रहा है, जिससे व्यापार और आवागमन सुगम हुआ है।
3. ‘बस्तर ओलम्पिक’ और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
बस्तर की असली पहचान उसकी समृद्ध कला, लोक संस्कृति और पारंपरिक खेल हैं।
- युवाओं की सहभागिता: खेल और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आयोजित ‘बस्तर ओलम्पिक’ जैसे आयोजनों ने यहाँ की युवा प्रतिभाओं को अपनी कला और खेल कौशल दिखाने का राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है।
- पर्यटन को बढ़ावा: ‘Chendru State Rural Tourism Award’ और होमस्टे योजना के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे स्थानीय आदिवासियों को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।
4. “बस्तर का विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर की संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर है। सरकार का उद्देश्य केवल भौतिक विकास करना नहीं है, बल्कि बस्तर के मूल स्वरूप और जनजातीय स्वाभिमान को सुरक्षित रखते हुए उन्हें आधुनिक अवसरों से जोड़ना है। राष्ट्रपति महोदया का यह दौरा बस्तर के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है।
निष्कर्ष
बस्तर अब बदल रहा है और उसका भविष्य पूरी तरह संवर रहा है। जनजातीय गौरव और आधुनिक विकास का यह समन्वय ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प को मजबूत आधार दे रहा है।

