छत्तीसगढ़ के इतिहास, कला और वास्तुकला के लिए एक अत्यंत गर्व और ऐतिहासिक क्षण सामने आया है। राज्य के प्राचीन सांस्कृतिक और पुरातात्विक नगर सिरपुर को संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) की Tentative List (अस्थाई सूची) में आधिकारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। इस अंतरराष्ट्रीय मान्यता के मिलने से सिरपुर के विश्व धरोहर (World Heritage Site) बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिससे छत्तीसगढ़ की प्राचीन समृद्ध विरासत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान मिली है।
महानदी के तट पर बसा सिरपुर (श्रीपुर) अपनी प्राचीन बौद्ध, जैन और सनातन संस्कृति के अवशेषों, उत्कृष्ट मूर्तिकला और ईंटों से बने प्राचीन मंदिरों के लिए पूरी दुनिया में विशेष स्थान रखता है।
सिरपुर की यूनेस्को सूची में प्रविष्टि: मुख्य बिंदु
| ऐतिहासिक पहलू | विवरण एवं मुख्य प्रावधान |
| महत्वपूर्ण उपलब्धि | सिरपुर का यूनेस्को की टेंटेटिव (अस्थाई) सूची में चयन |
| भौगोलिक स्थिति | महानदी तट, महासमुंद जिला (छत्तीसगढ़) |
| ऐतिहासिक पहचान | प्राचीन पांडुवंशी राजधानी, बौद्ध विहार, जैन और शिव मंदिर (लक्ष्मण मंदिर) |
| वैश्विक प्रभाव | अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर की मजबूत प्रविष्टि |
प्राचीन वास्तुकला और मूर्तिकला का बेजोड़ संगम
सिरपुर केवल एक पुरातात्विक स्थल नहीं है, बल्कि यह प्राचीन भारतीय स्थापत्य कला का एक जीवंत दस्तावेज है।
- विश्व प्रसिद्ध लक्ष्मण मंदिर: लाल ईंटों से निर्मित यह प्राचीन मंदिर अपनी अद्भुत नक्काशी और वास्तुकला के लिए देश-विदेश के पर्यटकों और इतिहासकारों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा है।
- बौद्ध और जैन धरोहर: चीनी यात्री ह्वेनसांग (Hiuen Tsang) के यात्रा वृत्तांतों में भी सिरपुर के बौद्ध विहारों और ज्ञान के बड़े केंद्र होने का उल्लेख मिलता है। यहां की गई खुदाइयों में कई प्राचीन मूर्तियां और मठ मिले हैं।
वैश्विक पटल पर बढ़ेगी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान
यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल होने का अर्थ है कि अब सिरपुर को वैश्विक संरक्षण और पर्यटन विकास के मामले में अंतरराष्ट्रीय मानक मिलने की राह आसान हो गई है।
- इससे राज्य में सांस्कृतिक और पुरातात्विक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।
- दुनिया भर के इतिहासकार, पुरातत्वविद और पर्यटक सिरपुर के प्राचीन इतिहास को देखने छत्तीसगढ़ पहुंचेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा।
सिरपुर का यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में शामिल होना छत्तीसगढ़ के लिए एक स्वर्णिम उपलब्धि है। यह कदम राज्य की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के प्रति सरकार और समाज की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आने वाले समय में सिरपुर का पूर्ण रूप से ‘विश्व धरोहर’ बनना ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सांस्कृतिक उत्थान का एक नया अध्याय लिखेगा।

