छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं और सुशासन के प्रयासों से राज्य के दूरस्थ जिलों में महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आ रहे हैं। ‘सेवा की कहानी’ श्रृंखला के अंतर्गत कोरिया जिले की कई महिलाओं ने यह साबित कर दिखाया है कि यदि सही समय पर योजनाओं का संबल मिल जाए, तो कठिन परिस्थितियां भी अवसरों में बदल जाती हैं। महतारी वंदन योजना की आर्थिक सहायता हो या ‘बिहान’ योजना से मिला हुनर, कोरिया की इन महिलाओं ने अपनी मेहनत से परिवार को नई मजबूती दी है।
सफलता की कहानियां: एक नजर में
| लाभार्थी का नाम | क्षेत्र / जिला | योजना का नाम | प्राप्त लाभ एवं प्रभाव |
| बिरजो बाई | कोरिया | महतारी वंदन योजना | घुटनों के दर्द के इलाज के लिए नियमित आर्थिक दवा का सहारा। |
| ज्योति | कोरिया | महतारी वंदन योजना | मिलने वाली राशि से बेटी की उच्च शिक्षा और भविष्य का संवार। |
| संतोषी प्रजापति | कोरिया | बिहान योजना (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन) | मूर्ति निर्माण कार्य से परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना। |
| सुनैना कुर्रे | कोरिया | बकरी पालन योजना | पशुपालन के जरिए पारिवारिक आय में वृद्धि और आर्थिक संबल। |
| तारा देवी | कोरिया | महतारी वंदन योजना | अकेले जीवन में रोजमर्रा के खर्चों के लिए नियमित संबल। |
1. बिरजो बाई: घुटनों के दर्द की दवा बनी महतारी वंदन योजना
कोरिया जिले की रहने वाली बिरजो बाई लंबे समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं और घुटनों के दर्द से जूझ रही थीं। इलाज और दवाइयों का खर्च उठाना उनके लिए कठिन हो रहा था। ऐसे में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली हर महीने की राशि उनके लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हुई। अब इस सहायता राशि से वे नियमित रूप से अपनी दवाइयां खरीद पा रही हैं, जिससे उन्हें शारीरिक और मानसिक संबल मिला है।
2. ज्योति: महतारी वंदन की राशि से संवर रहा बेटी का भविष्य
हर माता-पिता का सपना होता है कि उनकी बेटी को बेहतरीन शिक्षा मिले। कोरिया की ज्योति के लिए यह सपना तब साकार होता दिखा जब उन्हें महतारी वंदन योजना का नियमित लाभ मिलना शुरू हुआ। इस योजना से मिलने वाली आर्थिक सहायता को उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई और भविष्य को संवारने में निवेश किया है, जिससे उनकी बेटी बिना किसी आर्थिक रुकावट के अपनी शिक्षा आगे बढ़ा रही है।
3. संतोषी प्रजापति: ‘बिहान’ से हुनर को मिली नई पहचान और आत्मनिर्भरता
स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं बिहान (DAY-NRLM) योजना की सक्रिय सदस्य संतोषी प्रजापति ने अपनी मेहनत से परिवार की तकदीर बदली है। उन्होंने मूर्ति निर्माण के कार्य को अपनाया और योजना के तहत मिले तकनीकी व वित्तीय सहयोग से अपने हुनर को एक नई व्यावसायिक पहचान दी। आज वे मूर्ति निर्माण के जरिए अपने पूरे परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
4. सुनैना कुर्रे: बकरी पालन से परिवार को मिल रहा आर्थिक संबल
ग्रामीण आजीविका और पशुपालन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का लाभ उठाकर कोरिया की सुनैना कुर्रे ने आर्थिक स्वावलंबन की मिसाल पेश की है। उन्होंने बकरी पालन के व्यवसाय को चुनकर अपनी आमदनी का जरिया मजबूत किया है। इस कार्य से उनके परिवार को नियमित आर्थिक संबल मिल रहा है और वे अपने जीवन स्तर को सुधारने में सफल हो रही हैं।
5. तारा देवी: अकेले जीवन में खर्च के लिए मिला महतारी वंदन का संबल
जीवन के कठिन दौर में अकेलेपन का सामना कर रही तारा देवी के लिए रोजमर्रा के छोटे-छोटे खर्चों को चलाना भी एक चुनौती था। ऐसे में महतारी वंदन योजना ने उन्हें आर्थिक सुरक्षा का अहसास कराया है। इस योजना से मिलने वाली राशि से अब उन्हें अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता, जिससे उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीने का संबल मिला है।
कोरिया जिले से सामने आई ‘सेवा की कहानी’ के ये प्रसंग यह स्पष्ट करते हैं कि छत्तीसगढ़ शासन की जनहितकारी योजनाएं किस प्रकार धरातल पर महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। महतारी वंदन योजना और बिहान जैसी पहलें महिलाओं को केवल आर्थिक रूप से मजबूत ही नहीं कर रही हैं, बल्कि उन्हें ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण में बराबर का भागीदार बना रही हैं।

