भगवान श्री राम के चरण-रज से पवित्र और माता शबरी की अनन्य भक्ति की स्थली शिवरीनारायण में संस्कृति, आस्था और विकास का अनूठा संगम देखने को मिला है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पावन नगरी शिवरीनारायण पहुंचकर भगवान नर-नारायण के दर्शन-पूजन किए और प्रदेश की सुख, शांति व समृद्धि की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने प्रसिद्ध ‘चित्रोत्पला गंगा महाआरती’ में सम्मिलित होकर भव्य शिवरीनारायण महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया।
इस गरिमामय अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को विकास की बड़ी सौगात देते हुए ₹63 करोड़ से अधिक की लागत से महानदी पर एक नए पुल के निर्माण की घोषणा की, जिससे आवागमन और धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
शिवरीनारायण विकास और महोत्सव
| कार्यक्रम / परियोजना | विवरण एवं मुख्य प्रावधान |
| आयोजन स्थल | माता शबरी धाम, शिवरीनारायण (छत्तीसगढ़) |
| मुख्य अतिथि | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय |
| धार्मिक अनुष्ठान | भगवान नर-नारायण दर्शन, गौमाता सेवा और भव्य चित्रोत्पला गंगा महाआरती |
| प्रमुख अधोसंरचना सौगात | महानदी पर ₹63 करोड़ से अधिक की लागत से नया पुल निर्माण |
| सांस्कृतिक उत्सव | शिवरीनारायण महोत्सव (स्थानीय लोक कला, संस्कृति और परंपराओं का प्रदर्शन) |
₹63 करोड़ की लागत से महानदी पर बनेगा नया पुल
शिवरीनारायण और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य शासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है।
- महानदी पर बनने वाले इस नए उच्च स्तरीय पुल की अनुमानित लागत ₹63 करोड़ से अधिक होगी।
- इस पुल के बन जाने से जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार और रायपुर जिले के बीच संपर्क बेहद सुगम हो जाएगा।
- धार्मिक मेलों और आयोजनों के दौरान लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और पर्यटकों तथा श्रद्धालुओं को आवागमन में भारी सुविधा होगी।
भगवान नर-नारायण के दर्शन और गौमाता की सेवा
शिवरीनारायण महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सपत्नीक प्रसिद्ध नर-नारायण मंदिर में पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। तदुपरांत उन्होंने मंदिर परिसर में गौमाता की सेवा कर उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पावन भूमि त्रेतायुग में भगवान श्रीराम और माता शबरी के मिलन की ऐतिहासिक साक्षी है, जहां कण-कण में अध्यात्म और संस्कृति रची-बसी है।
भव्य ‘चित्रोत्पला गंगा महाआरती’ और दीपदान
महानदी के तट पर आयोजित चित्रोत्पला गंगा महाआरती में मुख्यमंत्री ने पारंपरिक वेशभूषा में विशाल दीपकों के साथ आरती की। इस दौरान पूरा घाट दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और शंखनाद से गूंज उठा। हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने नदी तट पर दीपदान किया।
महाआरती के पश्चात आयोजित सांस्कृतिक मंच पर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक कला, नृत्य और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
“धार्मिक पर्यटन और संस्कृति का संरक्षण हमारी प्राथमिकता”: मुख्यमंत्री साय
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
शिवरीनारायण जैसे ऐतिहासिक तीर्थ स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं का विकास करने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
शिवरीनारायण में आयोजित भव्य महोत्सव और ₹63 करोड़ की लागत से बनने वाले नए पुल की सौगात यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ सरकार आस्था के सम्मान के साथ-साथ विकास की रफ्तार को भी तेज कर रही है। यह पहल ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को धरातल पर साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

