मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, शिक्षा में सुधार और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक में राज्य के उच्च शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याता नीति-2026’ (Chhattisgarh Guest Lecturer Policy 2026) का अनुमोदन किया गया, जिससे प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी और शैक्षणिक व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
मंत्रिपरिषद बैठक के प्रमुख निर्णय
| निर्णय क्षेत्र | स्वीकृति एवं मुख्य प्रावधान |
| उच्च शिक्षा (Higher Education) | ‘अतिथि व्याख्याता नीति-2026’ (Guest Lecturer Policy 2026) का अनुमोदन; पारदर्शी चयन व मानदेय व्यवस्था |
| अकादमिक व्यवस्था | शासकीय कॉलेजों में रिक्त पदों पर पठन-पाठन को सुगम बनाने के लिए नीतिगत दिशा-निर्देश |
| युवा व सुशासन पहल | युवाओं के कौशल विकास, सुशासन और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर सहमति |
1. ‘अतिथि व्याख्याता नीति-2026’ (Guest Lecturer Policy 2026) को मिली मंजूरी
राज्य के शासकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को निर्बाध रूप से चलाने और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से साय कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ अतिथि व्याख्याता नीति-2026’ को मंजूरी प्रदान की:
- पारदर्शी चयन प्रक्रिया (Transparent Selection Process): नई नीति के तहत कॉलेजों में रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि व्याख्याताओं (Guest Lecturers) की नियुक्ति पूरी तरह से पारदर्शी और मेरिट-आधारित प्रक्रिया से होगी।
- अकादमिक निरंतरता: इस नीति के लागू होने से शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से ही कक्षाओं का सुचारू संचालन संभव होगा, जिससे छात्रों का पाठ्यक्रम समय सीमा में पूरा हो सकेगा।
- अध्यापन गुणवत्ता में सुधार: उच्च शैक्षणिक योग्यता (NET/SET/Ph.D.) धारक युवाओं को अध्यापन के अवसर मिलेंगे, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूती मिलेगी।
2. ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के रोडमैप और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण पर जोर
मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विभागवार समीक्षा करते हुए राज्य में ‘विकसित छत्तीसगढ़ @2047’ के लक्ष्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए:
- समयबद्ध क्रियान्वयन: पूर्व में स्वीकृत योजनाओं (जैसे मुख्यमंत्री स्टार्टअप व निपुण मिशन, नई औद्योगिक व निर्यात नीतियां) का धरातल पर प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
- जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ: सुदूर वनांचल अंचलों बस्तर और सरगुजा में आधारभूत संरचना विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा और खाद्य सहायता योजनाओं का सुगम और बिचौलिया-मुक्त वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
- स्थानीय रोजगार एवं कौशल विकास: राज्य के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मुहैया कराने के लिए तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाया जाएगा।
“युवाओं का भविष्य और शिक्षा में गुणवत्ता हमारी प्राथमिकता”: मुख्यमंत्री साय
मंत्रिपरिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए यह रेखांकित किया गया कि राज्य सरकार प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पारदर्शी सुशासन और आर्थिक आत्मनिर्भरता प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अतिथि व्याख्याता नीति-2026 का निर्णय इसी सोच का परिणाम है, जिससे उच्च शिक्षा संस्थानों की कार्यप्रणाली में स्थायित्व और गुणवत्ता आएगी।
30 सितंबर 2026 को आयोजित साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए दूरगामी निर्णय यह सिद्ध करते हैं कि राज्य सरकार सुशासन, पारदर्शी व्यवस्था और जन-कल्याण के संकल्प पर मजबूती से आगे बढ़ रही है। शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में हुए ये नीतिगत सुधार छत्तीसगढ़ के युवाओं को एक उज्ज्वल और सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर करेंगे।

