प्रदेश में हो रही निरंतर वर्षा और ऊपरी कैचमेंट एरिया से पानी छोड़े जाने के कारण महानदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह सतर्क हो गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कड़े निर्देशों के बाद महानदी के तटीय क्षेत्रों (Mahanadi Coastal/Basin Areas) में संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन (Disaster Management) और संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि महानदी के कछार में बसे गांवों और निचले इलाकों (Low-Lying Areas) के नागरिकों की सुरक्षा, भोजन, पेयजल और चिकित्सा सेवाओं में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
राहत एवं बचाव कार्यों की प्रमुख तैयारियां
| सुरक्षा व राहत पहलू | प्रशासनिक व्यवस्था एवं उठाए गए कदम |
| 24×7 कंट्रोल रूम | प्रभावित जिलों में राज्य व जिला स्तरीय आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय। |
| निचले इलाकों से निकासी | संवेदनशील और संभावित जलभराव वाले गांवों से नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की तैयारी। |
| राहत शिविर (Relief Camps) | शासकीय भवनों और स्कूलों में आश्रय स्थल तैयार; भोजन, दूध और शुद्ध पेयजल का अग्रिम प्रबंध। |
| SDRF व गोताखोर टीम | राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों को बोट एवं आधुनिक बचाव उपकरणों के साथ तैनात किया गया। |
तटीय जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महानदी के प्रवाह क्षेत्र में आने वाले जिलों (जैसे महासमुंद, गरियाबंद, रायपुर, जांजगीर-चांपा, रायगढ़ और बलौदाबाजार) के कलेक्टरों को 24 घंटे स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं:
- जलस्तर की निरंतर मॉनिटरिंग: बांधों से पानी छोड़े जाने की मात्रा और नदियों के जलस्तर का प्रति घंटे आकलन किया जा रहा है, ताकि निचले इलाकों में समय रहते चेतावनी जारी की जा सके।
- स्वास्थ्य व स्वच्छता सेवाएं: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए मेडिकल टीमों का गठन किया गया है तथा पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाएं, ओआरएस और ब्लीचिंग पाउडर का स्टॉक सुनिश्चित किया गया है।
- मवेशियों की सुरक्षा: आपदा प्रबंधन के तहत केवल जनहानि ही नहीं, बल्कि पशुधन की सुरक्षा के लिए भी ऊंचे स्थलों पर चारे और टीकाकरण की व्यवस्था की जा रही है।
“जन-धन की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
“महानदी के तटीय क्षेत्रों में जलभराव की आशंका को देखते हुए शासन-प्रशासन अलर्ट मोड पर है। प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों को हर संभव सहायता पहुंचाई जाएगी। आम जनता से अपील है कि वे प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें और उफनती नदियों व पुल-पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की त्वरित संवेदनशीलता और जिला प्रशासन की पूर्व तैयारियों के कारण महानदी तटीय क्षेत्रों में संभावित आपदा से निपटने का खाका पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। ‘जन-धन की सुरक्षा’ को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार का आपदा प्रबंधन अमला 24 घंटे स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है।

