प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात‘ की 138वीं कड़ी में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा‘ अभियान की विशेष रूप से सराहना की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड स्थित ग्राम लामकन्हार के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में ग्रामीणों, विद्यार्थियों और आत्मसमर्पित मोगों के साथ इस कार्यक्रम को सुना। प्रधानमंत्री द्वारा राज्य के नवाचार की तारीफ किए जाने पर मुख्यमंत्री ने इसे समस्त छत्तीसगढ़वासियों के लिए गौरव का विषय बताया।
अभियान एवं मुख्य घोषणाओं का संक्षिप्त विवरण
| प्रमुख विषय | विवरण एवं मुख्य बिंदु |
| अभियान का नाम | हर घर मुनगा, घर-घर मुनगा (महिला एवं बाल विकास विभाग) |
| प्रारंभ तिथि | 12 सितंबर 2026 (मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा) |
| मुख्य उद्देश्य | मोरिंगा (मुनगा) के पौधे लगाकर कुपोषण से मुक्ति व दैनिक आहार में पोषण को जोड़ना |
| कार्यक्रम स्थल | ग्राम लामकन्हार (अंतागढ़, जिला कांकेर) |
| सौगात/घोषणा | लामकन्हार क्षेत्र के विकास हेतु ₹85 लाख के निर्माण कार्य |
‘हर घर मुनगा‘ अभियान: कुपोषण मुक्ति और जनभागीदारी की मिसाल
छत्तीसगढ़ में पोषण माह के दौरान शुरू किया गया ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा‘ अभियान राज्य को कुपोषण से मुक्त करने की दिशा में एक सशक्त पहल साबित हो रहा है। मुनगा (सहजन/मोरिंगा) आयरन, विटामिन और आवश्यक पोषक तत्वों से समृद्ध सहज सुलभ स्रोत है।
- आंगनबाड़ी व घर-घर पौधारोपण: इस अभियान के तहत प्रदेश भर के आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और घरों के आंगन में मुनगा के पौधे लगाए जा रहे हैं।
- दैनिक आहार में समावेश: महिलाओं, बच्चों और किशोरियों को मुनगा की पत्तियों व फलियों को सब्जी, दाल और साग के रूप में भोजन का नियमित हिस्सा बनाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
- जनभागीदारी से पोषण सुरक्षा: स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर परिवारों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाने का यह मॉडल अब देशभर में सराहा जा रहा है।
राष्ट्रीय मंच पर छाया छत्तीसगढ़ का जनभागीदारी मॉडल
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से राज्यों में हो रहे सकारात्मक नवाचारों को देश के सामने लाते हैं। इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार का ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल‘ जैसी स्थानीय पहलों की सराहना ‘मन की बात’ में हो चुकी है।
“छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित अभियानों का राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख हम सभी के परिश्रम का सम्मान है। यह स्थानीय प्रयासों को नई ऊर्जा और पहचान प्रदान करता है।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)
लामकन्हार को 85 लाख रुपये की विकास सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने नक्सल प्रभाव से मुक्त होकर शांति और विकास की ओर बढ़ रहे क्षेत्र लामकन्हार के लिए 85 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें स्कूल भवन, सड़क निर्माण और सामुदायिक भवन जैसी आधारभूत सुविधाएं शामिल हैं।
समारोह के उपरांत मुख्यमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान के अंतर्गत विद्यालय परिसर में अमरूद का पौधा रोपा और सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण की अपील की। इस अवसर पर सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान को मिली राष्ट्रीय सराहना यह दर्शाती है कि स्थानीय संसाधनों और जनभागीदारी से कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं का टिकाऊ समाधान निकाला जा सकता है। लामकन्हार में विकास कार्यों की घोषणा और शांति की नई बयार से छत्तीसगढ़ विकास, सुरक्षा और सुपोषण के संकल्प को धरातल पर साकार कर रहा है।

