जल संरक्षण में छत्तीसगढ़ देश में नंबर-1, जनभागीदारी से बना जल संचय का महाभियान

जल संरक्षण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी 3.0’ अभियान में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।

यह उपलब्धि राज्य में जल संरक्षण को लेकर किए जा रहे सामूहिक प्रयासों और जनभागीदारी का परिणाम है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे व्यापक जनअभियान का स्वरूप दिया गया है। गांवों से लेकर जिलों तक लोगों की भागीदारी से जल संरचनाओं के निर्माण और संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है।

28 लाख से अधिक जल संरचनाएं बनीं आधार

छत्तीसगढ़ की इस उपलब्धि के पीछे राज्य में तैयार की गई 28 लाख से अधिक जल संरचनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। ये जल संरचनाएं बारिश के पानी को सहेजने, भूजल स्तर को मजबूत करने और भविष्य के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

जल संरक्षण की इस पहल में सबसे खास बात यह है कि इसमें जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया है। स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी से जल संरक्षण के प्रयासों को गति मिली है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ का मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण के रूप में सामने आया है।

छत्तीसगढ़ के 5 जिले टॉप-10 में

‘जल संचय जन भागीदारी 3.0’ में छत्तीसगढ़ के 5 जिले देश के टॉप-10 जिलों में शामिल हुए हैं। यह उपलब्धि बताती है कि राज्य में जल संरक्षण के प्रयास केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अलग-अलग जिलों में व्यापक स्तर पर किए जा रहे हैं।

जिलों की इस सफलता में स्थानीय प्रशासन, किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों की सहभागिता महत्वपूर्ण रही है। जल संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय जरूरतों के अनुसार जल संरचनाओं को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।

कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत मॉडल’ बना मिसाल

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले का ‘5 प्रतिशत मॉडल’ जल संरक्षण में जनभागीदारी का एक प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया है। इस मॉडल में किसानों की स्वैच्छिक भागीदारी के जरिए जल संरक्षण के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है।

किसानों की सहभागिता से जुड़ा यह मॉडल इस बात को रेखांकित करता है कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। जब स्थानीय समुदाय और किसान मिलकर पानी बचाने की दिशा में कदम उठाते हैं, तो उसका प्रभाव व्यापक हो सकता है।

जनभागीदारी से जल संरक्षण को नई दिशा

छत्तीसगढ़ की यह उपलब्धि बताती है कि जल संरक्षण और जल संचय को जनआंदोलन बनाने से बड़े स्तर पर सकारात्मक परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। 28 लाख से अधिक जल संरचनाएं, पांच जिलों का टॉप-10 में स्थान और कोरिया का 5 प्रतिशत मॉडल—ये सभी राज्य में चल रहे जल संरक्षण अभियान की व्यापकता को दर्शाते हैं।

जल संचय जन भागीदारी 3.0 में छत्तीसगढ़ का देश में नंबर-1 बनना राज्य के लिए गौरव की बात है। साथ ही यह संदेश भी देता है कि बारिश की हर बूंद को सहेजना और पानी के संरक्षण में समाज की भागीदारी सुनिश्चित करना भविष्य की जल सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।

Sonal Gupta

Content Writer

ALSO READ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Owner/Editor In Chief: Dr.Kirti Sisodia 
Devendra Nagar, Raipur, Chhattisgarh 492001
Mob. – 6232190022

Email – Hello@seepositive.in

GET OUR POSITIVE STORIES