Bastar Development: बस्तर की पहचान अब केवल घने जंगलों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों तक सीमित नहीं रह गई है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका के कोंडागांव प्रवास ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और शांति के मोर्चे पर मिली सफलता के बाद अब पूरा ध्यान ‘अंतिम व्यक्ति के उत्थान’ पर केंद्रित है। जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में राज्यपाल ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि बदलते बस्तर के इस नए परिदृश्य में शासन की योजनाओं का लाभ समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना अनिवार्य है।
‘एक पेड़ माँ के नाम’
पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्यपाल ने दूरगामी विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को गति देने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि केवल वृक्षारोपण ही काफी नहीं है, बल्कि जल संचयन की दिशा में भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना होगा।
उन्होंने विशेष निर्देश दिए कि कोंडागांव के गांवों में वर्षा से पूर्व और उसके पश्चात के जल स्तर का वैज्ञानिक आकलन (Scientific Assessment) किया जाए। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर रहा, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि अब बनने वाले नए घरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग (Rain Water Harvesting) संरचना को अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए, ताकि भू-जल स्तर को स्थायी रूप से सुधारा जा सके।
महिला सशक्तिकरण और जैविक खेती
बस्तर की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ यहाँ की महिलाएं और पारंपरिक कृषि है। राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) के कार्यों की सराहना करते हुए उनके उत्पादों के ‘वैल्यू एडिशन’ (मूल्य संवर्धन) पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रखकर एक सशक्त मार्केटिंग चेन (Marketing Chain) से जोड़ा जाना चाहिए।
इसके साथ ही, जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने और इसकी सप्लाई चेन को सुदृढ़ करने की बात कही गई। यह न केवल स्वास्थ्य के लिए बेहतर है, बल्कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में भी सहायक सिद्ध होगा।
स्तन कैंसर स्क्रीनिंग और विशेष शिविर
महिलाओं और बालिकाओं के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए राज्यपाल ने एक बड़ी घोषणा की। आगामी 08 मई को जिले में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिसमें मुख्य रूप से स्तन कैंसर (Breast Cancer) की स्क्रीनिंग की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान कर माताओं-बहनों को सुरक्षित करना है। इसके साथ ही टीबी उन्मूलन, नशा मुक्ति और रेडक्रॉस की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।
अनुशासन के साथ योग
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्यपाल ने दो प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान आकर्षित किया: NCC का विस्तार और योग का अभ्यास। उन्होंने कहा कि युवाओं में अनुशासन और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए एनसीसी एक सशक्त माध्यम है। साथ ही, उन्होंने योग को दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया, ताकि नई पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बन सके।
पीएम जन-मन योजना
कोंडागांव और बस्तर के विकास की चर्चा तब तक अधूरी है, जब तक यहाँ की विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) का विकास न हो। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री जन-मन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन समूहों को शासन की सभी कल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिलना सुनिश्चित करें।
मानवीय संवेदना के साथ सुशासन
बैठक के समापन पर राज्यपाल ने एक अत्यंत प्रेरणादायी बात कही। उन्होंने अधिकारियों को याद दिलाया कि जनता की समस्याओं का समाधान केवल फाइलों और नियमों के जाल से नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना (Human Sensitivity) के साथ किया जाना चाहिए। जब अधिकारी संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हैं, तो शासन और जनता के बीच का विश्वास और अधिक मजबूत होता है।
बैठक में कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना और पुलिस अधीक्षक आकाश श्रीश्रीमाल सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने राज्यपाल के विजन को धरातल पर उतारने की प्रतिबद्धता जताई।
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