Bastar Munne: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। राज्य शासन ने दूरस्थ क्षेत्रों में बसे प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ पहुँचाने के लिए “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम का आगाज़ किया है। यह अभियान केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं है, बल्कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का एक संकल्प है।
अभियान का विजन
बस्तर मुन्ने कार्यक्रम का मुख्य केंद्र “नियद नेल्लानार” (आपका अच्छा गाँव) योजना है। एनसीएईआर (NCAER) सर्वेक्षण के आधार पर चिन्हित की गई 31 महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं को इस अभियान के जरिए शत-प्रतिशत पात्र परिवारों तक पहुँचाया जाएगा। शासन का लक्ष्य ‘सेच्यूरेशन’ यानी संतृप्तता हासिल करना है, जिसका अर्थ है कि कोई भी पात्र हितग्राही जानकारी या संसाधनों के अभाव में योजना से वंचित न रहे।
इसी रणनीति को अमलीजामा पहनाने के लिए हाल ही में जनपद पंचायत बड़ेराजपुर में नोडल अधिकारियों और विभागीय प्रमुखों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यक्तिमूलक योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है।
पाँच चरणों में विकास का ब्लूप्रिंट
बस्तर मुन्ने कार्यक्रम को बेहद व्यवस्थित ढंग से पाँच चरणों में विभाजित किया गया है, ताकि पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे:
1. प्रथम चरण, जागरूकता और सर्वेक्षण
इस चरण में ग्राम पंचायतों को योजनावार लक्ष्य दिए जा रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार सामग्री, पात्रता मापदंड और आवश्यक दस्तावेजों की सूची प्रदान की जा रही है। मैदानी अमले को पहले से ही संभावित हितग्राहियों की सूची सौंप दी गई है ताकि घर-घर जाकर सर्वेक्षण का कार्य तेजी से पूरा हो सके।
2. द्वितीय चरण, शिविर और लाभ वितरण
ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। सर्वेक्षण के आधार पर पात्र लोगों का परीक्षण होगा और मौके पर ही योजनाओं का लाभ वितरित किया जाएगा। यदि सर्वेक्षण के दौरान कोई परिवार छूट गया है, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है; शिविर में ही उनका नवीन पंजीयन कर नियमानुसार लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।
3. तृतीय चरण, क्लस्टर स्तर पर समाधान
ग्राम पंचायत स्तर पर यदि कोई तकनीकी या प्रशासनिक कारण से मामला लंबित रह जाता है, तो उसे तीसरे चरण में क्लस्टर स्तर (पंचायतों का समूह) पर ले जाया जाएगा। यहाँ अधिकारियों की उपस्थिति में लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण होगा।
4. चतुर्थ चरण, विकासखण्ड स्तरीय निराकरण और मूल्यांकन
विकासखण्ड (ब्लॉक) स्तर पर जिला स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी में जटिल मामलों का समाधान किया जाएगा। इस दौरान शिविरों के अब तक के प्रभाव का मूल्यांकन भी किया जाएगा ताकि सिस्टम की कमियों को सुधारा जा सके।
5. पाँचवाँ चरण, समीक्षा और थर्ड पार्टी फीडबैक
अभियान की सफलता का आकलन करने के लिए अंतिम चरण में गहन समीक्षा की जाएगी। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ‘थर्ड पार्टी फीडबैक’ लिया जाएगा, जिससे यह पता चल सके कि धरातल पर वास्तव में कितना परिवर्तन आया है।
सामुदायिक विकास
विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। एक सप्ताह तक चलने वाली इन सभाओं में गाँव के विकास के लिए तीन प्रमुख सामुदायिक कार्यों का चयन किया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा अनुमोदित इन प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति दिलाकर शासन को भेजा जाएगा, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
Positive सार
“बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम बस्तर की बदलती तस्वीर का प्रतीक है। बड़ेराजपुर जैसे विकासखंडों में जिस सक्रियता से अधिकारी और कर्मचारी जुटे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में बस्तर का हर गाँव ‘नियद नेल्लानार’ के सपने को साकार करेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक स्वावलंबन की राह में यह अभियान मील का पत्थर साबित होगा।
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