Chhattisgarh Education: छत्तीसगढ़ में बेटियों की शिक्षा और उनके सशक्तिकरण की दिशा में एक नई और प्रेरणादायक इबारत लिखी गई है। कबीरधाम जिले की दो बेटियों, रंजना और भारती के लिए प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ‘संकटमोचक’ बनकर सामने आए हैं। आर्थिक अभाव के कारण जिन आंखों में भविष्य को लेकर धुंधलापन छा गया था, अब वहां सफलता के नए सपने पल रहे हैं।
बेबसी पर भारी पड़ी संवेदनशीलता
शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है, लेकिन कई बार आर्थिक तंगी इस राह में सबसे बड़ा रोड़ा बन जाती है। कबीरधाम जिले के ग्राम चिल्फी की रहने वाली रंजना झारिया के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। पिता के असामयिक निधन ने परिवार को गहरे वित्तीय संकट में डाल दिया। घर चलाने की जद्दोजहद के बीच रंजना की नर्सिंग की पढ़ाई अधूरी छूट गई। एक मेधावी छात्रा के लिए अपनी पढ़ाई को बीच में छोड़ना किसी त्रासदी से कम नहीं था।
ठीक इसी तरह, ग्राम हरमो की भारती साहू भी अपनी उच्च शिक्षा के लिए संघर्ष कर रही थीं। इन दोनों मामलों में जब जानकारी उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तक पहुँची, तो उन्होंने बिना विलंब किए संवेदनशीलता दिखाई और कवर्धा विधायक के नाते अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए आर्थिक सहायता की मंजूरी दी।
सहायता से संवरेगा भविष्य
उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और सहायता राशि के चेक वितरित किए। ग्राम हरमो की भारती साहू को 2 लाख रुपये की बड़ी राशि प्रदान की गई, ताकि उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए। वहीं, रंजना झारिया को 25 हजार रुपये का चेक सौंपा गया।
इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, श्री अमर कुर्रे, श्री ओमकार साहू, श्री लोकचंद साहू और श्री मिलू साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे। यह पहल केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि सरकार हर उस बेटी के साथ खड़ी है जो पढ़ना चाहती है, बढ़ना चाहती है।
रंजना की आँखों में नई उम्मीद
चेक प्राप्त करने के बाद रंजना झारिया भावुक हो गईं। उन्होंने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया, “पिताजी के जाने के बाद हमारी आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि मैंने उम्मीद छोड़ दी थी कि मैं कभी दोबारा कॉलेज जा पाऊंगी। लेकिन जब मैंने श्री विजय शर्मा जी की जनहितकारी पहलों के बारे में सुना और उनसे संपर्क किया, तो उन्होंने मेरी समस्या को बड़े भाई की तरह सुना और तुरंत मदद का भरोसा दिलाया।”
रंजना अब दोबारा नर्सिंग की पढ़ाई शुरू करने जा रही हैं। उनका लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपना करियर बनाकर समाज की सेवा करना है। उन्होंने इस मदद को अपने जीवन की ‘नई सुबह’ करार दिया और उप मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के विजन को छत्तीसगढ़ सरकार धरातल पर उतार रही है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा की गई यह व्यक्तिगत रुचि दर्शाती है कि राजनीति जब सेवा का माध्यम बनती है, तो बदलाव कितना सुखद होता है। कवर्धा क्षेत्र के युवाओं और विशेषकर छात्राओं के लिए श्री शर्मा द्वारा किए जा रहे ये प्रयास प्रेरणादायक हैं।
यह मदद कबीरधाम जिले के अन्य छात्रों के लिए भी एक उम्मीद है कि उनकी प्रतिभा संसाधनों की कमी के कारण दम नहीं तोड़ेगी। सरकार की ओर से दी गई यह राशि इन बेटियों के लिए केवल कागज़ का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके करियर की नींव है।
Positive Takeaway
रंजना और भारती की यह कहानी समाज के लिए एक बड़ा उदाहरण है। जब शासन और प्रशासन संवेदनशील हो, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। आज ये बेटियां अपनी मेहनत से न केवल अपना भविष्य संवारेंगी, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की इस पहल की सराहना पूरे कबीरधाम जिले और प्रदेश में हो रही है।

