Raipur Women Bike Rally
2000 महिलाओं की बाइक रैली ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड!
रायपुर में नारी शक्ति का शंखनाद
Raipur Women Bike Rally: राजधानी रायपुर की सड़कें रविवार को उस समय राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग गईं, जब ‘मैं भारत हूँ’ की थीम पर आयोजित भव्य बाइक और स्कूटी रैली ने शहर के प्रमुख मार्गों पर दस्तक दी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम ने न केवल महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया, बल्कि 2000 से अधिक महिलाओं की भागीदारी के साथ ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया।
केसरिया उत्साह और तिरंगे की आन
रैली का आगाज़ प्राचीन माँ काली मंदिर से हुआ, जहाँ सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ के गायन ने वातावरण में देशभक्ति का संचार कर दिया। अखिल भारतीय धर्मजागरण समन्वय कार्यसमिति के सदस्य श्री राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव और श्रीमती विभा अवस्थी ने हरी झंडी दिखाकर इस विशाल काफिले को रवाना किया। रैली का नेतृत्व अनुशासित महिला पुलिस दस्ते ने किया, जिसके पीछे हजारों महिलाएँ हाथों में तिरंगा लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ीं।
संस्कृति की संवाहक हैं महिलाएँ
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
समापन समारोह वीआईपी चौक स्थित श्रीराम मंदिर में आयोजित किया गया, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सम्मिलित हुए। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा, “भारत की शाश्वत संस्कृति और सभ्यता को यदि कोई जीवित रखे हुए है, तो वह हमारी मातृशक्ति है। यदि माता जीजाबाई न होतीं, तो छत्रपति शिवाजी महाराज का अस्तित्व न होता और माता कौशल्या के संस्कारों के बिना भगवान श्री राम की कल्पना संभव नहीं थी।”
उपमुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर और अन्य दुर्गम क्षेत्रों में नक्सलवाद के खिलाफ मोर्चा संभालने वाली महिला पुलिस कर्मियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि आज की महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ से ‘करोड़पति दीदी’ बनने की राह पर अग्रसर हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक शुभ संकेत है।
यातायात जागरूकता और वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस आयोजन का एक मुख्य उद्देश्य समाज में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाना भी था। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अधिकृत उद्घोषक सोनल शर्मा ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि इतनी बड़ी संख्या में सकारात्मक संदेश और हेलमेट जागरूकता के साथ निकाली गई यह रैली विश्व रिकॉर्ड का हिस्सा बनी है। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को हेलमेट वितरित किए गए, जो सुरक्षा और जिम्मेदारी का प्रतीक बने।
नेतृत्व और संगठन का अनूठा उदाहरण
कार्यक्रम का सफल संचालन संयोजिका डॉ. भारवि वैष्णव और सह-संयोजिका डॉ. अनामिका सिंह के कुशल नेतृत्व में किया गया। डॉ. भारवि ने कहा कि रायपुर की सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब भारतीय नारी के राष्ट्रप्रेम का प्रमाण है। वहीं, नगर निगम पार्षद डॉ. अनामिका सिंह ने पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मानसिक और सामाजिक मजबूती ही वास्तविक सशक्तिकरण है।
अखिल भारतीय धर्मजागरण विभाग के प्रमुख श्री राजेंद्र सिंह और बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने भी महिलाओं के बढ़ते कदमों की सराहना की और उन्हें राष्ट्र की वास्तविक संरक्षक बताया।
Positive Takeaway
‘भारत माता की जय’ के उद्घोष और केसरिया साफे में सजी महिलाओं के इस काफिले ने यह सिद्ध कर दिया कि छत्तीसगढ़ की नारी शक्ति अब केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह रिकॉर्ड तोड़ने और राष्ट्र निर्माण में कंधे से कंधा मिलाकर चलने के लिए पूरी तरह तैयार है।

