24 लाख किसानों के खाते में 10 करोड़
CM Vishnu Deo Sai: छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए होली के त्योहार को ‘दिवाली’ जैसा यादगार बना दिया है। बिलासपुर जिले के बिल्हा में आयोजित एक विशाल राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना के तहत प्रदेश के 24 लाख 28 हजार से अधिक किसानों के बैंक खातों में 10,324 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि सीधे ट्रांसफर (DBT) की है।
यह राशि धान खरीदी पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और राज्य सरकार द्वारा घोषित 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर के बीच के अंतर की राशि है। मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के जरिए रिमोट दबाकर इस राशि का वितरण किया, ताकि किसान परिवार होली का पर्व पूरे हर्षोल्लास और आर्थिक मजबूती के साथ मना सकें।
कृषक उन्नति योजना
हर किसान बनेगा धनवान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार का मूल मंत्र किसानों की समृद्धि है। ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ के विजन के साथ राज्य सरकार ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
इस योजना के माध्यम से किसानों को प्रति क्विंटल 3100 रुपये का मूल्य सुनिश्चित किया गया है, जो पूरे देश में सर्वाधिक है। खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य ने 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की है। इस नवीनतम किस्त के जारी होने के बाद, किसानों को दी गई कुल सहायता राशि का आंकड़ा 35,000 करोड़ रुपये को पार कर गया है।
263 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
केवल नकद राशि ही नहीं, बल्कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने बिलासपुर में 263 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत वाले 89 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इन परियोजनाओं में शामिल हैं,
- ग्रामीण सड़कें और पुल– आवागमन को सुगम बनाने के लिए।
- सिंचाई परियोजनाएं– खेती को मौसम की अनिश्चितता से बचाने के लिए।
- कृषि बाजार और गोदाम– किसानों को फसल भंडारण और सही दाम दिलाने के लिए।
इन कार्यों से न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
किसानों से सीधा संवाद और आभार
- सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जगदलपुर, कोरबा और जांजगीर-चाँपा जैसे दूरस्थ जिलों के किसानों से सीधा संवाद किया।
- जगदलपुर के किसान ने बताया कि इस योजना से उनकी आय लगभग दोगुनी हो गई है।
- बिलासपुर के किसानों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना सम्मान प्रकट करने के लिए उन्हें धान से तौलकर अभिनन्दन किया।
- किसानों ने फीडबैक देते हुए सरकार द्वारा दिए जा रहे 0% ब्याज पर ऋण और उन्नत बीजों की उपलब्धता की जमकर सराहना की।
होली से पहले खुशहाली
होली से ठीक पहले 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि ग्रामीण बाजार में आने से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल आने की उम्मीद है। जब किसान आर्थिक रूप से सक्षम होता है, तो उसका सीधा लाभ व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्र को मिलता है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार भविष्य में भी उन्नत बीज, आधुनिक सिंचाई तकनीक और कृषि आधारित उद्योगों पर विशेष ध्यान केंद्रित रखेगी।
किसान-केंद्रित सुशासन का मॉडल
छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम साबित करता है कि राज्य की प्राथमिकता में किसान सबसे ऊपर हैं। “कृषक उन्नति योजना” के माध्यम से धान की अंतर राशि का समय पर भुगतान न केवल एक चुनावी वादा था, बल्कि यह प्रदेश के लाखों परिवारों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का एक ठोस प्रयास है। अब छत्तीसगढ़ का किसान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है और राज्य ‘धान का कटोरा’ होने की अपनी पहचान को सार्थक कर रहा है।

