जानें क्या है रिटन कम्युनिकेशन, सफल लीडर्स करते हैं इस राइटिग स्किल्स का इस्तेमाल!


आंत्रप्रेन्योर्स के लिए जरूरी रिटन कम्युनिकेशन
मजबूत रिटन कम्युनिकेशन से बन सकते हैं सफल लीडर्स राइटिग स्किल्स पर खास ध्यान देते हैं आंत्रप्रेन्योर्स

सफल बिजनेस लीडर्स, बेहतरीन कम्युनिकेटर्स के तौर पर जाने जाते हैं। हाल ही में हुए सर्वे ये बताते हैं कि उन्हें बोलने और लिखने की कला बखूबी आती है। आंत्रप्रेन्योर्स जब स्पीच लिखते हैं या कोई छोटा मैसेज टाइप करते हैं तो इसके लिए ऑडियंस तक सीधी बात पहुंचाने के लिए अपने रिटन कम्युनिकेशन पर खास ध्यान रखे, ताकि वे लोगों से जुड़ा हुआ महसूस कर सकें।

सफलता के लिए जरूरी लिखना

बिजनेस में सफलता के लिए अब ऐसा माना जा रहा है। कि आंत्रप्रेन्योर को कुछ बेहतर करने से पहले लिखना चाहिए। अगर बतौर आंत्रप्रेन्योर आप कुछ लिखने जा रहे हैं तो पहले खुद से कुछ सवाल जरूर पूछें। अगर कुछ प्रश्न भी पूछना चाह रहे हैं? अगर कोई सवाल पूछना चाह रहे हैं तो किस तरह के जवाब की उम्मीद की जा रही है? अगर आप अपनी कंपनी के लिए ऑफिशियल स्टेटमेंट लिख रहे हैं तो इसमें कंपनी के मिशन को भी जरूर एड करें।

ऐसा करके आपका संदेश कर्मचारियों तक आसानी से पहुंच सकेगा। ये जरूर ध्यान रखें कि मुश्किल शब्दों का उपयोग कम से कम करें और वाक्य छोटे व स्पष्ट लिखें।

नियमित रूप से नोट्स लिखने की आदत कारगर

कम्युनिकेशन को और बेहतर करने के लिए ज्यादा से ज्यादा लिखने की आदत डालना जरूरी है। उदाहरण के तौर पर एक इंटरव्यू को ले सकते हैं जो एमेजॉन के फाउंडर जैफ बेजोस ने कही थी कि शुरुआत में अपनी कंपनी की लीडरशिप टीम को पावरपॉइंट का उपयोग करने की जगह 6 पन्नों के नोट्स बनाने का काम किया था। इस दौरान उन्होंने पाया कि कुछ हफ्तों बाद उनकी टीम का रिटन कम्युनिकेशन काफी बेहतर हो गया। यही वजह है कि अमेजन में इंजीनियर्स, कोड लिखने से पहले लंबे नोट्स बनाने की प्रैक्टिस जरूर करते हैं।

पेशेवर भाषा का इस्तेमाल करें

सफल लोग टू द प्वाइंट अपनी बात रखते हैं, ये काफी प्रभावी भी लगता है। ऐसा करने से रिटन कंटेंट आपके ब्रांड को परिभाषित करने में मददगार साबित होता है इसलिए इसे प्रोफेशनल लैंग्वेज में ही लिखना चाहिए। सोशल मीडिया या ईमेल पर लिखा हुआ कंटेंट उतना ही प्रभावी होता है जितना कि कंपनी का कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट, इसलिए छोटे मैसेज पर भी फोकस करने की सलाह एक्सपर्ट्स देते हैं। यहां इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि कंटेंट में बोलचाल की भाषा ना हो। इससे राइटिंग स्किल्स बेहतर होंगी और बिजनेस के क्षेत्र में ट्रेंड को भी फॉलो कर पाएंगे।

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Dr. Kirti Sisodia

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