

केंद्र सरकार कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। ऐसे में भारत में हर महीने यूपीआई से पेमेंट का नया रिकॉर्ड तय हो रहा है। इसे सुविधा को और सरल बनाने के लिए आरबीआई यूपीआई के जरिए बिना इंटरनेट भी पेमेंट करने का ऑप्शन प्रदान कर रही है। दरएसल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने डिजिटल भुगतान को आधुनिक बनाने और बढ़ावा देने के पहल की है जिसके अनुसार आरबीआई ने ‘यूपीआई लाइट’ को इंट्रोड्यूज किया है। जिससे ऑफलाइन माध्यम से एक बार में भुगतान की सीमा को 200 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये करने करने का प्रस्ताव किया है।
ऑफलाइन यूपीआई से एक बार में 500 रुपये का पेमेंट
आरबीआई गवर्नर ने चली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद इसकी घोषणा की है। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक अब यूपीआई से ऑफलाइन भुगतान की भी अनुमति देता है। उन्होंने कहा कि छोटे मूल्य के डिजिटल भुगतान के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) और यूपीआई लाइट सहित ऑफलाइन मंच से एक बार में 200 रुपये भेजने की सीमा को बढ़ाकर 500 रुपये किया जाने का प्रस्ताव है। हालांकि, अब भी कुल भुगतान की सीमा 2,000 रुपये रहेगी।
कमजोर इंटरनेट से भी हो सकेगा पेमेंट
यूपीआई पर छोटे मूल्य के लेन-देन की गति बढ़ाने के लिए सितंबर 2022 में ‘यूपीआई लाइट’ लॉच हुआ था। अब इसको बढ़ावा देने के लिए ‘नियर फील्ड कम्युनिकेशन’ (एनएफसी) तकनीक का उपयोग करके ऑफलाइन लेनदेन की सुविधा प्रदान की जा रही है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि इसका उद्देश्य न केवल खुदरा क्षेत्र को डिजिटल रूप से सक्षम बनाने का है बल्कि जहां इंटरनेट और कम्यूनिकेशन कमजोर है, या उपलब्ध नहीं है वहां कम राशि का लेनदेन भी इससे संभव कराना है।
पेमेंट से पहले AI बेस्ड बातचीत की सुविधा
यूपीआई पर कंज्यूमर AI के साथ बातचीत करके पेमेंट कर सकेंगे। यानी कि आरबीआई UPI पर ‘कन्वर्सेशनल पेमेंट्स’ (संवादात्मक भुगतान) की सुविधा शुरू करने वाला है। इसके जरिए यूजर्स ट्रांजैक्शन के लिए AI based System के साथ कॉन्वर्सेशन कर पाएंगे, ये एकदम सेफ ट्रांजैक्शन साबित होगा। इससे देश में डिजिटल क्षेत्र का विस्तार को बढ़ावा मिलेगा। हिंदी और अंग्रेजी के बाद इसे दूसरी भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध करवाया जाएगा।

